जब हरिप्रसाद चौरसिया ने यश चोपड़ा के साथ काम करने से कर दिया था मना, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

जाने माने मशहूर बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया का आज जन्मदिन है। पंडित हरिप्रसाद चौरसिया एक जमाने में लोकप्रिय संतूर वादक शिवकुमार शर्मा के साथ मिलकर फिल्मों के लिए संगीत दिया करते थे। शिव-हरि की इस जोड़ी ने प्रथम बार 1962 में मदन मोहन के लिए ‘फिर वही शाम वही गम’ (जहान आरा) गीत में काम किया तथा अगले कई वर्षों तक अपने क्लासिकल कॉन्सर्ट्स के अतिरिक्त उस वक़्त के अधिकांश संगीत निर्देशकों के लिए बांसुरी और संतूर वादन करना जारी रखा। जाहिर तौर पर इसके पश्चात् उनका अगला मुकाम हिंदी फिल्मों में बतौर संगीतकार जोड़ी पदार्पण करना था।

इसी के चलते कहा जाता हैं कि बीआर चोपड़ा की एक फिल्म के लिए बैकग्राउंड स्कोर कंपोज करते समय बीआर चोपड़ा के छोटे भाई यश चोपड़ा उनके पास आए तथा उनसे पूछा कि क्या वे उनकी अगली फिल्म ‘काला पत्थर’ (1979) में बतौर संगीतकार काम करना चाहेंगे। शिव-हरि की जोड़ी ने इससे मना कर दिया।

उस वक़्त तक यश चोपड़ा की निर्माणधीन फिल्म ‘काला पत्थर’ का संगीत राजेश रोशन दे रहे थे किन्तु निर्देशक एवं संगीत निर्देशक के बीच उत्पन्न हुए मतभेदों के कारण फिल्म के लिए केवल 2 गीत तैयार हो सके थे। यश चोपड़ा, राजेश रोशन को मनाने के लिए तैयार नहीं थे तथा इस हालात में चाहते थे कि ब्रेक का इंतजार कर रहे शिव-हरि उनके लिए फिल्म के बाकी बचे 4 गीत कंपोज करें। किन्तु राजेश रोशन के पिता – गुजरे जमाने के लोकप्रिय संगीतकार रोशन – हरिप्रसाद चौरसिया के पुराने मित्र थे जिस कारण अपने दोस्त के बेटे का काम छीनने से उन्होंने स्पष्ट मना कर दिया। बाद में ‘काला पत्थर’ के बचे गीत राजेश रोशन ने ही कंपोज किए तथा फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर सलिल चौधरी ने दिया।

शिवसेना की बर्बादी से खुश कंगना ने कह डाली ये बात

आखिर क्यों शहनाज़ ने कंगना के दुश्मन से मिलाया हाथ!

पति की पुण्यतिथि पर भावुक हुई मंदिरा बेदी, पोस्ट शेयर कर कही ये बात

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -