कभी घर से भागकर फिल्म देखने पहुंच जाते थे जितेंद्र, इस तरह बने महान अभिनेता

Apr 07 2021 04:04 AM
कभी घर से भागकर फिल्म देखने पहुंच जाते थे  जितेंद्र, इस तरह बने महान अभिनेता

आज जितेंद्र का 79वां जन्मदिन है। हिंदी मूवीज के एवरग्रीन स्टार जितेन्द्र का जन्म पंजाब के अमृतसर मे एक जौहरी परिवार मे 7 अप्रैल 1942 को हुआ था। यह बात तो हम सभी जानते है ही कि जितेन्द्र को पहले रवि नाम से जाना जाता था। जितेन्द्र कपूर खासकर अपने डांस के लिए पहचाने जाते हैं। रवि कपूर या जितेन्द्र कपूर के परिवार का जीवन यापन एक व्यवसाय के द्वारा ही होता था। हम बता दें कि इनका व्यापार आर्टिफिशियल आभूषणों को बनाते थे। वह एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते है ।

मुंबई के गोरेगांव में लड़कों का एक समूह हमेशा ही फिल्मों का पहला शो देखा करता था। मूवी देखने के उपरांत वे लोगो को बताते कि फिल्म कैसी है।  निर्देशक व्ही शांताराम फिल्म देखने आये हुये थे। उन्होंने लड़को के समूह में से एक लड़के को मूवी के बारे में लोगो से वार्तालाप करते हुये देखा। व्ही शांताराम उस लड़के से बहुत प्रभावित हुये और उन्होंने निश्चय किया कि वह उसे अपनी फिल्म में कार्य करने का अवसर प्रदान करेंगे।

उन्होंने उसे अपने पास बुलाकर अपनी मूवी ‘गीत गाया पत्थरों ने’में कार्य करने का प्रस्ताव रखा। यह लड़का रवि कपूर था जो बाद में मूवी इंडस्ट्री में जीतेन्द्र के नाम से मशहूर हुए। 07 अप्रैल 1942 को एक जौहरी परिवार में जन्में जीतेन्द्र का रूझान बचपन से हीं मूवीज की ओर था और वह एक्टर बनना चाहते थे। वह हमेशा घर से भागकर मूवी देखने चले जाते थे। जीतेन्द्र ने अपने सिने कैरियर की शुरूआत 1959 में प्रदर्शित मूवी ‘नवरंग’ से की जिसमें उन्हंर छोटी सी भूमिका निभाने का मौका मिला। हम बता दें कि लगभग 5 साल तक जीतेन्द्र फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर के रूप में कार्य पाने के लिये संघर्षरत रहे। वर्ष 1964 में उन्हें व्ही. शांताराम की मूवी ‘गीत गाया पत्थरों ने’ में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म के बाद जीतेन्द्र अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुए।

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