'रूप तेरा मस्ताना' का रिमिक्स गाकर सुर्ख़ियों में छा गए थे शान

'रूप तेरा मस्ताना' का रिमिक्स गाकर सुर्ख़ियों में छा गए थे शान

बॉलीवुड की फिल्मों में कई बेहतरीन गानों के लिए अपनी आवाज़ देने वाले गायक शान का पूरा नाम शांतनु मुखर्जी है आज उन्होंने अपने जीवन के 47 साल पूरे किए हैं 30 सितंबर 1972 को उनका जन्म मध्यप्रदेश के खंडवा में हुआ था। शान एक बंगाली ब्राह्मण परिवार से संबंध रखते हैं संगीत का गुण शान को अपने परिवार से ही मिला वे म्यूजिक डायरेक्टर स्वर्गीय मानस मुखर्जी के सुपुत्र हैं शान के दादाजी जाहर मुखर्जी लिरिसिस्ट रहे हैं और वे गायिका सागारिका के भाई हैं। वे जब 13 साल के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया था इसके बाद उनकी मां ने बतौर सिंगर काम किया और परिवार की जिम्मेदारी संभाली।

1989 में 17 साल की उम्र में करियर शुरू करने वाले शान अब तक हिंदी सहित बंगाली,उर्दू और कन्नड़ भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेर चुके हैं। शान को आरडी बर्मन के गाने 'रूप तेरा मस्ताना' का रीमिक्स गाने के बाद ही प्रसिद्धि मिली सिंगिंग के अलावा वो ‘सा रे गा मा पा’,’सा रे गा मा पा- लिटिल चैम्प्स’,’स्टार वॉइस ऑफ इंडिया’ जैसे म्यूजिक रियलटी शो भी होस्ट कर चुके हैं। शान ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में गाने गाए हैं और उनके कई गाने सुपरहिट हुए हैं उन्होंने 'निकम्मा किया इस दिल ने', 'ये हवाएं', 'कोई कहे कहता रहे', 'कुछ तो हुआ है मेरे इस दिल को', 'चांद सिफारिश जो करता हमारी' सहित कई गानों को अपनी आवाज दी है।

फिल्म ‘बलविंदर सिंह फेमस हो गया’ से शान ने बॉलीवुड में एक्टिंग डेब्यू किया लेकिन एक्टिंग मे संगीत की तरह छाप नहीं छोड़ पाये। साल 2000 में उन्हें एल्बम ‘तन्हा दिल’ के लिए एमटीवी एशिया म्यूजिक का बेस्ट सोलो एल्बम का अवॉर्ड मिला था। उन्होंने गोल्डन वॉइस ऑफ इंडिया, वॉइस ऑफ पैराडाइज, मैजिशियन ऑफ मेलोडी जैसे खिताब भी जीते। शान ने अपने करियर में कुछ पाकिस्तानी गीत भी गाए हैं। इसके साथ ही कुछ सिंगिंग रिअलिटी शो में बतौर जज भी रह चुके हैं शान बचपन में विज्ञापनों के लिए जिंगल्स गाते थे।

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