नाबालिग से अप्राकृतिक दुष्कर्म और हत्या करने वाले को मिली फांसी की सजा

Sep 11 2015 05:04 AM
नाबालिग से अप्राकृतिक दुष्कर्म और हत्या करने वाले को मिली फांसी की सजा

सागर। जिले के खिमलासा में 2 साल पहले नाबालिग युवक से अप्राकृतिक दुष्कर्म कर हत्या करने वाले युवक को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल वर्मा की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। हत्यारे तक पुलिस गवाहों के बयानों के आधार पर पहुंची थी और गिरफ्तार किया था। खिमलासा कस्बे में 17 नवंबर 2013 की शाम को घर के पास से गुजर रहे एक नाबालिग युवक को उसी क्षेत्र में रहने वाला सच्चू उर्फ सचिन कुशवाह बातो से बहला-फुसलाकर ले गया। नाबालिग के साथ पहले सचिन ने अप्राकृतिक दुष्कर्म किया और जब इतने से मन नही भरा तो फिर गला घोंटकर हत्या कर दी।

नाबालिग युवक की लाश को उसने एक बोरे में बांधकर गोविंद राजपूत के खेत में फेंक दी थी। 2 दिन बाद 20 नवंबर 2013 को सुबह खेत में काम करने वाली एक महिला ने बोरे को कुएं में तैरते देखा तब घटना का पता चला था। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में कई लोगों के बयान लिए थे जिससे सचिन के साथ मृत नाबालिग युवक को आखिरी बार देखे जाने जानकारी सामने आई। सचिन को गिरफ्तार करके जब पूछताछ हुई तो उसने पूरा घटनक्रम काबुल कर लिय। इसके आधार पर पुलिस ने सचिन कुशवाह के खिलाफ नाबालिग युवक का अपहरण करने, अप्राकृतिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी बनाकर अदालत में चालान पेश किया था।