दिव्यांगता पेंशन के लिए दिए गए फर्जी प्रमाण पत्र, पुलिस ने शुरू की जांच

हाल ही में हिमाचल के जिला मंडी में दिव्यांगता पेंशन के लिए फर्जी मेडिकल जमा करवाने का मामला सामने आ चुका है। मिली जानकारी के मुताबिक तहसील कल्याण अधिकारी गोहर ने शिकायत की है और उनकी शिकायत को आधार मानकर पुलिस ने छह लोगों पर धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दायर किया है। खबर है कि इस मामले में एक ही क्षेत्र से मिले-जुले मेडिकल आने के बाद तहसील कल्याण कार्यालय के कर्मचारियों को फर्जीवाड़े की आशंका हुई और जब स्वास्थ्य विभाग से जारी मेडिकल की सत्यता जांची तो ये मेडिकल फर्जी निकले।

वहीं दस्तावेजों पर मुहर और साइन भी फर्जी मिले और स्वास्थ्य विभाग के पास इसका कोई रिकॉर्ड नहीं था। इस मामले में विभाग की सूचना पर पुलिस ने मामला दायर कर जांच आरम्भ कर दी है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और तहसील कल्याण विभाग में भी हैरानी फैली हुई है और एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने बताया कि, 'छह लोगों के खिलाफ गोहर थाने में आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।' इस मामले में जांच अधिकारी एसएचओ गोहर सूरम सिंह ने बताया कि, 'जल्द शातिरों का भंडाफोड़ कर दिया जाएगा।'

खबर मिली है कि आरोपी ने फर्जी मुहर, फर्जी साइन और जाली मेडिकल बनाने की विधि तैयार कर लोगों के अपंगता पेंशन के लिए फर्जी मेडिकल बनाए हैं। वहीं पुलिस ने एफआईआर में नामजद फर्जी दस्तावेज जमा करवाने वाले लोगों से पूछताछ भी की, लेकिन अभी किसी ने मुंह नही खोला है। केवल इतना ही नहीं मास्टर माइंड की तलाश में पुलिस फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड का सुराग पता लगाने में जांच करने में लग चुकी है।

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