इस तरह से करें हलछठ का पूजन, यह है शुभ मुहूर्त

Aug 08 2020 03:00 PM
इस तरह से करें हलछठ का पूजन, यह है शुभ मुहूर्त

हर साल मनाया जाने वाला हलछठ का पर्व इस साल 9 अगस्त को मनाया जाने वाला है. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं इस व्रत की पूजा विधि. आइए जानते हैं.

पहले तो हम आपको यह बता दें कि इस दिन किया जाने वाला पूजन सभी पुत्रवती महिलाएं करती हैं। वहीँ यह व्रत पुत्रों की दीर्घ आयु और उनकी सम्पन्नता के लिए करते हैं. इस व्रत को रखने वाली महिलाएं अपने हर एक पुत्र के हिसाब से छह छोटे मिट्टी या चीनी के बर्तनों में पांच या सात भुने हुए अनाज या मेवा भरतीं हैं। कहा जाता है इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए. उसके बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए. फिर पूजा-अर्चना के बाद पूरे दिन निराहार रहकर शाम के समय पूजा-आरती करना चाहिए. उसके बाद फलाहार करना चाहिए. जी दरअसल इस व्रत को करने पर धन, ऐश्वर्य आदि मिलता है. 

आपको बता दें कि इस व्रत में छोटी कांटेदार झाड़ी की एक शाखा ,पलाश की एक शाखा और नारी (एक प्रकार की लता होती) की एक शाखा को भूमि या किसी मिटटी भरे गमले में गाड़ कर पूजन करते हैं. इस दिन महिलाएं पड़िया वाली भैंस के दूध से बने दही और महुवा (सूखे फूल) को पलाश के पत्ते पर खा कर व्रत खत्म करती हैं. इसी के साथ कहते हैं इस दिन गाय के दूध व दही को नहीं खाना चाहिए. इसके अलावा इस दिन बिना हल चले धरती का अन्न व शाक भाजी खाने का अपना ही एक अलग महत्व बताया गया है। जी दरअसल इस व्रत को पुत्रवती स्त्रियों को बहुत ही समझदारी के साथ रखना चाहिए. ध्यान रहे इस दिन दिनभर निर्जला रहे और शाम को पसही के चावल और महुए खा ले.

हलछठ मुहूर्त
षष्टी तिथि प्रारंभ - 28:19 बजे से (8 अगस्त)
षष्टी तिथि समाप्त - 30:42 तक (9 अगस्त)

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