हर कहीं बनी हुई है गुजरिया की मांग, परंपरागत तौर पर होता है उपयोग

नईदिल्ली : देशभर में दीपावली की जगमगाहट नज़र आ रही है। हर कहीं श्रद्धालुओं द्वारा दीपपर्व के पूजन की तैयारियां की जा रही हैं हर कहीं श्रद्धालु उल्लासित हैं। सभी एक दूसरे को दीपपर्व की शुभकामनाऐं दे रहे हैं। ऐसे में पूजन - अर्चन का क्रम जारी है। कुछ लोगों ने सुबह के श्रेष्ठ मुहूर्त में अपने कार्यालयों, प्रतिष्ठानों में पूजन कर लिया है तो कुछ पूजन की तैयारियों में लगे हैं। तो दूसरी ओर लोगोें द्वारा घरों मेें पूजन के लिए खरीदी की जा रही है।

ऐसे में माता श्री लक्ष्मी जी की मिट्टी की मूर्तियां भी बाजार में उपलब्ध हैं। इनकी मांग भी बनी हुई हैं। लोग बड़े पैमाने पर गुजरिया की पूछपरख करने उमड़ रहे हैं। गुजरिया श्री लक्ष्मी पूजन का अहम भाग है। बाजारों में हर कहीं गुजरिया सजकर तैयार है। गुजरिया को लेकर लोगों द्वारा विभिन्न दुकानों पर भाव - ताव किए जा रहे हैं।

श्रद्धालुओं द्वारा गुजरिया के साथ पतासे, धानी और भगवान के चरणों की खरीदी की जा रही है। गुजरिया दीपपर्व के दौरान पूजन के लिए रखी जाने वाली पारंपरिक परिधानों में सजी दर्शाई गई महिलाओं की मूर्तियां होती हैं जो कि अपने हाथों और सिर पर मंगल दीप लिए होती हैंे एक तरह से यह समृद्धि, खुशियों ओर मंगल पर्व का स्वागत है।

यह आज भी मालवा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पूजन के लिए स्थापित की जाती हैं मगर देश के कुछ क्षेत्रों में इनका उपयोग परंपरागत तौर पर ही होने लगा है और इन क्षेत्रों में ये सिमट सी गई हैं मगर आज भी दीपावली की परंपरा के दौरान इनका पूजन किया जाता है।

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