देश में कोरोना से बढ़ी महामारी, खाने के लिए तरस रहे गरीब

एकाएक बढ़ता जा रहा कोरोना का प्रकोप पूरी दुनिया के लिए न केवल आर्थिक संकट बल्कि जान का दुश्मन भी बन बैठा है. हर रोज इस वायरस के कारण कम से कम सैकड़ों लोगों की मौत हो जाती है. वहीं इस वायरस के कारण संक्रमित लोगों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो चुकी है. वहीं कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन किया है. ऐसे में चौथे दिन ही कई इलाकों में ऐसे घर भी हैं जहां पिछले दो दिनों से चूल्हा नहीं जला है. राशन खत्म हो गया है. जब पूरी तरह खाली है और भूख अपने चरम पर है. 'अमर उजाला' ने कानपुर के पनकी क्षेत्र में स्थित जब इस इलाके में जांच पड़ताल की तो सच सामने आया.

मिली जानकारी के अनुसार इस बात का पता चला है कि हजारों की संख्या में मौजूद हर शख्स की जुबां पर सिर्फ एक ही बात, साहब घर में राशन खत्म हो गया है. सुबह से कुछ नहीं खाया, दो दिन हो गए घर का चूल्हा भी नहीं चला है. ऐसा ही चलता रहा तो कोरोना से नहीं हम भूखे मर जाएंगे. यह कहना है पनकी शताब्दी नगर स्थित काशीराम कॉलोनी के निवासियों का उन्होंने बताया एक हफ्ता हो गया, काम पर नहीं गए हैं . जंहा सूत्रों से पता चला है कि जेब में पैसा भी खत्म हो गया. आसपास की सभी दुकानें बंद हैं. चाह कर भी राशन नहीं खरीद सकते हैं. घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं. कुछ तो दूध के सहारे ही जीते हैं . घर में सब भूखे हैं, जो थोड़ा बहुत था बच्चों को खिला दिया. देश में लाकडाउन घोषित होने के बाद शहर के पनकी शताब्दी नगर स्थित काशीराम कालोनी के निवासियों की स्थिति काफी दयनीय है. कॉलोनी में लगभग 3000 से ज्यादा लोग रहते हैं.

वहीं यह भी कहा जा रहा है कि सभी रोजमर्रा के मामूली काम करके कमाने वाले हैं. लॉकडाउन की वजह से पिछले 7 दिनों से कोई अपने घर से नहीं निकल पा रहा है. जिससे कमाई ठप हो गई है. शनिवार को  मीडिया ने मौके पर जाकर स्थिति को देखा तो हालात बेहद चिंताजनक मिले. लोगों की आंखों से आंसू निकल रहे थे. उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा साहब दो दिन से भूखे हैं कुछ खिला दीजिए.

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