ग्रेटर नोएडा : बारिश की चपेट में 6 दर्जन से अधिक गांव, बचाव में जुटी NDRF

दिल्ली की बाढ़ का खतरा अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा तक भी जा पहुंचा है. हथिनीकुंड बैराज से आठ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. पानी के नोएडा-ग्रेटर नोएडा तक पहुंचने से पहले ही तटीय गांवों में लोगों पर नई आफत भी आई है. दरअसल, बात यह है कि हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद ओखला बैराज पर पहले से जमा पानी को भी छोड़ना पड़ा. ओखला बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण ग्रेटर नोएडा के तिलवाड़ा गांव में सब्जी की खेती करने वाले लगभग 20 किसानों के परिवार मवेशियों सहित यमुना की दूसरी ओर फंस गए. 

जानकारी के मुताबिक़, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 77 गांव पानी की चपेट में हैं. ग्रेटर नोएडा में पड़ने वाले गांव तिलवाड़ा, घरबरा और मोतीपुर पानी से सर्वाधिक प्रभावित हैं. पानी के अचानक बढ़ने से तिलवाड़ा गांव के लगभग 20 परिवार नदी के दूसरे छोर पर फंसे हुए थे. मदद करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय विधायक भी प्रभावित इलाके में पहुंचे है, हालांकि पानी का स्तर ज्यादा होने की वजह से एनडीआरएफ की टीम इस कार्य में जुटी हुई है. जिसके बाद फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर भी निकाल लिया गया है.

प्राप्त मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनडीआरएफ की टीम ने 5 महिलाओं, 2 बच्चों और 3 पुरुषों को सुरक्षित निकाला है. एनडीआरएफ टीम के कमांडर विपिन प्रताप द्वारा कहा गया है कि कुछ लोग पहले ही वहां से अपने मवेशियों को लेकर हरियाणा की तरफ सुरक्षित कुछ कर चुके हैं. 

 

 

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