गुरु प्रदोष का है बहुत महत्व, दिन के मुताबिक मिलता फल

प्रदोष व्रत को शास्त्रों में बहुत उत्तम व्रतों में से एक माना गया है। ये व्रत शिव जी को समर्पित है तथा प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष तथा शुक्ल पक्ष दोनों की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। दिन के अनुसार प्रदोष व्रत की अहमियत भी अलग अलग होती है। मार्गशीर्ष माह का कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत 2 दिसंबर बृहस्पतिवार के दिन रखा जाएगा। बृहस्पतिवार के दिन ये व्रत पड़ने की वजह से इसे गुरु प्रदोष कहा जाता है। प्रदोष व्रत शिव जी को अति प्रिय है। परम्परा है कि इस व्रत को करने से महादेव प्रसन्न होते हैं व सभी समस्याओं को दूर करते हैं। शास्त्रों में प्रदोष व्रत को दो गायों के दान करने के समान पुण्यदायी बताया गया है। इस व्रत में महादेव पूजा हमेशा प्रदोष काल में कही जाती है। यहां जानिए इस व्रत से जुड़ी अन्य जानकारी।

दिन के मुताबिक मिलता फल:-
1- सोमवार के दिन प्रदोष व्रत रखने से सभी इच्छाए पूरी होती हैं।
2- मंगलवार के दिन व्रत रखने से रोगों से राहत प्राप्त होती है।
3- बुधवार के दिन प्रदोष व्रत रखने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
4- गुरुवार को व्रत रखने से शत्रुओं का नाश होता है।
5- शुक्रवार को व्रत रखने से शादीशुदा जीवन एवं किस्मत अच्छा होता है।
6- शनिवार को व्रत रखने से संतान प्राप्त होती है।
7- रविवार के दिन व्रत रखने से अच्छा स्वास्थ्य एवं लम्बी आयु होती है।

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