सरकार के फैसले से शिवसेना नाराज

Apr 12 2015 03:54 AM

 सामना में इस मामले को "प्राइम टाइम भीख नहीं" शीर्षक के नाम से लिखे इस संपादकीय लेख में यह कहा गया है कि, ‘‘प्राइम टाइम भीख नहीं बल्कि मराठी सिनेमा का हक है।’’ शिवसेना का यह भी कहना है कि सरकार का मल्टीप्लैक्सों में मराठी सिनेमा दिन के 12 बजे से रात के नौ बजे के बीच कभी भी दिखाये जाने का हालिया कदम दर्शाता है कि सरकार ने सिनेमाघर मालिकों के सामने घुटने टेक दिए हैं। यह भी कहा गया है कि मराठी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा कर रही हैं और साथ ही बेहतर विषयवस्तु भी दिखा रही हैं। जबकि सबके दवारा उन्हें एक गलत टाइम स्लॉट देकर इसकी गणना कम की जा रही है।