सरकार ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा हैं रोहिंग्या, म्यांमार से भी हो रही घुसपैठ

Jul 21 2021 02:53 PM
सरकार ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा हैं रोहिंग्या, म्यांमार से भी हो रही घुसपैठ

नई दिल्ली: मॉनसून सत्र में लोकसभा की कार्यवाही अब तक विपक्ष के हंगामे के चलते सही तरीके से नहीं चल पाई है. इसका सबसे बड़ा कारण फोन टैपिंग के माध्यम से हुई तथाकथित जासूसी का मुद्दा है. दो दिन चले सदन में विपक्षी पार्टियों ने इतना हंगामा किया कि किसी मुद्दे पर विस्तार से चर्चा ही नहीं हो सकी. किन्तु मंगलवार को लोकसभा में सरकार की तरफ से एक ऐसी जानकरी दी गई, जो हैरान करने वाली है.  

सरकार का कहना है कि अवैध रोहिंग्या प्रवासी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनते जा  रहे हैं. साथ ही ये भी कहा गया कि कुछ अवैध रोहिंग्या प्रवासी गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल हैं. बता दें कि भारत शरणार्थियों से संबंधित 1951 के संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन और उससे जुड़े प्रोटोकॉल का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है. ऐसे में कोई बिना कागज़ातों के भारत में प्रवेश करता है, तो उसे अवैध प्रवासी माना जाता है और उसके विरुद्ध कानून के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, कार्रवाई होती है.

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सांसद रितेश पांडे के सवाल के लिखित जवाब में कहा गया कि शीर्ष अदालत में एक याचिका दाखिल की गई है जिसमें भारत से रोहिंग्याओं के प्रत्यर्पण न करने का अनुरोध किया गया है. ये मामला अभी विचाराधीन है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्या के निर्वासन पर कोई स्थगन आदेश नहीं दिया है. वहीं, केंद्र सरकार ने भारत-म्यांमार सीमा पर भी चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. सरकार को म्यांमार से भी घसपैठ होने की सूचना मिली है. 

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