सरकार को अब तक हो गया है 3.85 लाख करोड का राजकोषीय घाटा

चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों के दौरान भारत सरकार की योजना व्यय में तेजी आने के साथ ही राजकोषीय घाटा 3.85 लाख करोड रुपये हो गया जो कि वर्ष 2015-16 के बजट अनुमान का लगभग 69.3 प्रतिशत है. वही पिछले साल इसी अवधि में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान का लगभग 61.2 प्रतिशत रहा था. आपको बता दे की सरकारी राजस्व और खर्च के बीच के अंतर को ही राजकोषीय घाटा कहा जाता है. वही चालू वित्त वर्ष के बजट में इस पूरे साल के दौरान राजकोषीय घाटा 5.55 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है.

अप्रैल से जुलाई के चार महीनों के मध्य शुद्ध कर 1.54 लाख करोड रुपये प्राप्त की गई. जबकि इस दौरान सरकार का कुल करीब 6 लाख करोड़ रुपये व्यय हुआ जो की पूरे साल के अनुमान का 33.8 प्रतिशत है. चार महीनों की इस समय अवधि में हुये इस कुल खर्च में योजना व्यय 1.57 लाख करोड और गैर योजना व्यय 4.43 लाख करोड़ रुपये के लगभग रहा. भारत सरकार के महालेखानियंत्रक से प्राप्त आंकडों के अनुसार इन चार महीनों में राजस्व घाटा 3.05 लाख करोड़ रुपये के लगभग रहा है.

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