नेहरू की तारीफ की तो धोना पड़ा कलेक्टरी से हाथ

भोपाल : एक आईएएस अधिकारी को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की तारीफ सोश्यल मीडिया पर करना भारी पड़ गया। दरअसल ये आईएएस अधिकारी बड़वानी के कलेक्टर हैं। जब इन्होंने फेसबुक वॉल पर पं. नेहरू की तारीफ की तो इसका नतीजा यह हुआ कि इन्हें मंत्रालय में उपसचिव पदस्थ कर दिया गया। हालांकि इन्हें अप्रत्यक्षतौर पर पदोन्नत किया गया है। मगर बड़वानी कलेक्टर के पद पर किसी भी पदस्थापना नहीं की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव अंटोनी डिसा ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से गंगवार को फेसबुक वॉल पर जिस तरह की टिप्पणियां की गईं उन्हें लेकर पूरी जानकारी मांगी गई।

मंत्रालय में गंगवार को हटाने की चर्चाऐं रही। मुख्यमंत्री सचिवालय में अधिकारियों के साथ आयोजित हुई बैठक के बाद यह तय हुआ कि सरकार गंगवार के विरूद्ध कड़े कदम उठाने के मूड़ में है। अब इस मामले में कहा जा रहा है कि यदि सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करती है तो यह एकतरफा कार्रवाई होगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोश्यल मीडिया में किसी तरह की टिप्पणी को लेकर अधिकारी को हटाने की इस तरह की यह पहली घटना सामने आ रही है। दरअसल अधिकारी ने सोश्यल मीडिया पर टिप्पणी की थी कि जरा गलतियां बता दीजिए जो नेहरू परिवार को नहीं करना चाहिए थी, तो फिर अच्छा होता।

यदि उन्होंनें आपको 1947 में हिंदू तालिबानी राष्ट्र बनने से रोका तो यह उनकी गलती थी। वे आईआईटी, इसरो, बीएआरएसी, आईआईएसबी, आईआईएम, भेल स्टील प्लांट, डेम्स, थर्मल पॉवर लाए। यह भी उनकी गलती थी। आसाराम और रामदेव जैसे इन्टलेक्चुअल की जगह साराभाई और होमी जहांगीर को सम्मान और काम करने का अवसर दिया यह उनकी गलती थी।

उन्होंने देश में गौशाला और मंदिर के स्थान पर एक यूनिवर्सिटी खोली, यह भी उनकी गलती थी। उन्होंने आपको अंधविश्वास की जगह एक साइंटिफिक रास्ता दिखाया, यह भी उनकी गलती थी, इन गलतियों के लिए गांधी फैमिली को देश से माफी बनती है। इसी के साथ उन्होंने केंद्र सरकार, राजस्थान सरकार की शिक्षा नीति, राष्ट्रवाद जैसे मसलों को लेकर व्यंग किया था।

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