अब हुण्डी चिठ्ठी कारोबारी पर प्रहार करने की तैयारी में मोदी सरकार

अब हुण्डी चिठ्ठी कारोबारी पर प्रहार करने की तैयारी में मोदी सरकार

नई दिल्ली : 500 और 1000 के नोटों को बन्द करने के बाद अब देश में काले धन को और अधिक सख्ती से रोकने के लिए मोदी सरकार ने अब हुण्डी चिठ्ठी कारोबारी और दलालों पर नकेल कसने की तैयारी में है. सरकार का यह मानना है कि करोडो रूपये हुण्डी चिठ्ठी व्यवसाय में लगा हुआ है, और यह जब तक यह घोषित और समाप्त नही होगा तब तक सरकार को अपने उद्वेश्य में सफलता नहीं मिलेगी, क्योंकि हुण्डी चिठ्ठी कारोबारी और दलाल के पास भ्रष्टाचार, रिश्वत खोरी, कालाबजारी का करोडो रुपया कालाधन के रुप में जमा है.

इस सम्बन्ध में अति विश्वसनीय सुत्रों से पता चला है कि सरकार 1 दिसम्बर से समस्त दो नम्बर / बिना खाते मे दर्ज / 20000 से अथिक राशि की हुण्डी चिठ्ठी को समाप्त करने की घोषणा करने वाली है. पता चला है कि सरकार यह धोषणा करने वाली है कि जो हुण्डी चिठ्ठी कारोबारी और दलाल का काला रूपया / बिना खाते में दर्ज रूपया यदि हुण्डी चिठ्ठी पर दिया है वह रुपया जिसके पास है वह उसी का हो जावेगा और उसे वापस देने की जरूरत नहीं होगी.

यह रुपया नही लौटाने पर जिस व्यक्ति ने रुपया लिया है उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जावेगी. यही नहीं धन के बदले उसके द्वारा दिया गया बतौर सुरक्षा चेक के बाउन्स होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जावेगी, बल्कि काला धन देने वाले हुण्डी चिठ्ठी और दलाल के खिलाफ कार्रवाई की जाकर कर टेक्स और जुर्माना  वसूला जावेगा.

इस संदर्भ में सरकार का यह तर्क है कि यह कदम इसलिए उठाया जायगा क्योंकि जिस हुण्डी चिठ्ठी और दलाल के मार्फत कालाधन रुपया बाजार में आया है, वह कालाधन हुण्डी चिठ्ठी की परिपक्वता तिथि पर वापस नई मुद्रा ( रूपया) के रुप में परिवर्तित होकर हुण्डी चिठ्ठी कारोबारी और दलाल के पास पहुँच जावेगा. इसलिए सभी हुण्डी चिठ्ठी कारोबारी और दलाल पर सरकार की पैनी नजर बनी हुई हैं.

इसके अलावा हुण्डी चिठ्ठी से रुपया लेने वाले व्यक्ति की सुरक्षा के लिए सरकार एक हेल्प लाइन नम्बर भी जारी करने वाली हैं. यदि कोई हुण्डी चिठ्ठी कारोबारी और दलाल किसी प्रकार की धमकी या दबाव रुपए वापसी के लिए डालता है तो आप उसके खिलाफ अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकते हो.