अभी नहीं थमेगा रूपया ये है वजह

नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था में मुद्रा का बहुत महत्व है और इसके बावजूद विदेशी मुद्रा के मुकाबले रूपए में हो रही लगातार गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था में भी बदलाव हो रहे हैं। विदेशी मुद्रा में हो रही बढ़ोत्तरी के चलते भारतीय रूपए में आई गिरावट वर्तमान समय में थमती नजर नहीं आ रही है। वहीं रेटिंग एजेंसी 'मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस' ने अपने तथ्यों में ये दर्शाया है, कि भारत देश में पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देने सरकार की ओर से घोषित पांच सूत्रीय रणनीति से रूपए की गिरावट में कोई परिवर्तन नहीं आयेगा। वह वर्तमान में जिस स्तर पर है वहीं स्थिर रहेगा। ​

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भारत सरकार के अनुसार मसाला ब्रांड को विदहोल्डिंग टैक्स देने की छूट और भारतीय बैंकों को बाजार निर्माता बनाने की परमिशन देने के बाद उनके द्वारा उठाए जाने वाले कदम बाजार में वित्तीय स्थिति को मजबूती देेंगे। लेकिन भारतीय वस्तुओं का आयात निर्यात होने से भारतीय वित्तीय कोष में लगातार उतार चढ़ाव हो रहे है। वहीं सरकार ने देश में अनावश्यक आयातों पर भी रोक लगाने का फैसला लिया है, लेकिन मूडीज की रिपोर्ट के अनुसार इससे रूपए में आई गिरावट को कम नहीं किया जा सकेगा।  

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वहीं यदि बात की जाए तो जनवरी 2018 से अब तक रूपए में आई निरंतर गिरावट से भारत में आयात होने वाली और यहां से निर्यात की जाने ​वाली वस्तुओं ​के दामों मेें अंतर आया है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में जीडीपी की ग्रोथ में आए अंतर से देश की आर्थिक स्थिति लड़खड़ा गई है। और इसके साथ ही चालू खाते का घाटा बढ़कर जीडीपी के 2.4 प्रतिशत पर पहुंच गया है। यहां हम आपको बता दें कि चालू खाता घाटा देश में आने वाली और देश से बाहर जाने वाली ​कुल विदेशी मुद्रा का अंतर होता है। 

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