अपने आप आधार हेल्पलाइन नंबर सेव होने पर गूगल ने मांगी माफ़ी

Aug 04 2018 09:04 AM
अपने आप आधार हेल्पलाइन नंबर सेव होने पर गूगल ने मांगी माफ़ी

नई दिल्ली. शुक्रवार को देशभर के कई हजारों स्मार्टफोन्स में अपने आप ही अथॉरिटी यूआईडीएआई का ट्रोल फ्री नंबर सेव हो गया था जिसको लेकर अब एक नया विवाद खड़ा हो चुका है। यूज़र्स ने जैसे ही ये नम्बर अपने फ़ोन में देखा तो उन्होंने ट्वीटर के जरिए ऑटो सेविंग पर सवाल उठाया था। इस विवाद को लेकर एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने वाली कंपनी गूगल ने इस सभी से अपनी इस गलती के लिए माफ़ी मांगी। गूगल का इस बारे में कहना है कि उनसे अनजाने में सभी के फ़ोन में नंबर सेव हो गया लेकिन इससे किसी का भी एंड्रॉयड सिस्टम हैक नहीं हुआ है।

इस विवाद में यूआईडीएआई और टेलीकॉम ऑपरेटर्स एसोसिएसन सीओएआई ने ये साफ़ किया था कि उनकी ओर से किसी के भी फ़ोन में ये नंबर सेव नहीं किया गया था जिसके बाद सवाल ये उठते लगा था कि क्या देशभर में फ़ोन यूज़र्स पर किसी तरह का साइबर अटैक किया जा रहा है। इसी बीच गूगल ने बताया कि ये सब उनकी वजह से हुआ है। गूगल ने अपनी इस गलती के बारे में बयान देते हुए कहा कि उनके इंटरनल व्यू में सामने आया है कि 2014 में यूआईडीएआई और अन्य 112 हेल्पलाइन नंबर एंड्रॉयड के सेटअप विजार्ट में कोड दिए गए थे। ये नंबर जब एक बार किसी भी यूज़र की कांटेक्ट लिस्ट में आ जाते है तो उसके बाद जब यूज़र अपना फ़ोन भी बदलता है तो भी नंबर कांटेक्ट लिस्ट में रहता ही है।

गूगल ने अपने बयान में आगे कहा, "लोगों को हमारी वजह से जो परेशानी हुई है उसके लिए हमें खेद है। हम लोगों को ये भी आश्वस्त करते हैं कि किसी के भी एंड्राइड फ़ोन में अन ऑथराइज्ड एक्सेस नहीं है। इसका मतलब कि किसी का भी एंड्राइड डिवाइस हैक नहीं हुआ है। इस नंबर को यूज़र्स डिलीट भी कर सकते हैं। हम आने वाले मैनुअली डिलीट एंड्रॉयड सेटएप विजार्ट से इस नम्बर को हटाने का काम करेंगे।" आपको बता दें आधार नम्बर 1800-300-1947 पुराने ट्रोल फ्री नंबर को 1947 से रिप्लेस कर दिया गया था।

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