अच्छे दिन का असर, हर कोई कहेगा स्वेप करो खुश रहो

Nov 15 2016 03:51 PM
अच्छे दिन का असर, हर कोई कहेगा स्वेप करो खुश रहो

केंद्र सरकार ने 500 रूपए और 1000 रूपए के नोट बंद कर दिए तो 8 नवंबर की रात्रि में देशभर में भूचाल आ गया। सैकड़ों की तादाद में लोग पैट्रोल पंप्स पर अपने वाहन लेकर उमड़ पड़े किसी ने टैंक फूल करवा लिया तो कोई राशन की दुकान से एक ही दिन में दो माह की शक्कर ले आया। आखिर यह अफरा-तफरी क्यों क्या पाकिस्तान कोई बड़ा हमला करने वाला था नहीं मगर देश में बड़े पैमाने पर नकली नोट आ रहे थे और कालाधन बड़े पैमाने पर कुछ लोगों के पास था। इस कालेधन को समाप्त करने और नकली नोटों को रोकने के लिए सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।

आज से कई वर्षों बाद जब आपके बच्चे बड़े हो जाऐंगे तो शायद वे इस घटना का रिकाॅर्डेड वीडियो देखें और इस ऐतिहासिक समय को याद करें क्या दौर है, लोग कतारों में लगे हैं कोई बैंक के फाॅर्म भर रहा है तो कोई अपने पास मौजूद व्यक्ति से फाॅर्म भरवा रहा है। जी हां, इन दिनों तो यही सब चल रहा है। हां और एक बात चल रही है लोग अपने काले धन को खपाने के लिए खुद ही खप रहे हैं।

मगर जो भी हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी को लाईन में लगा दिया। जी हां, केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में एक बड़ा बदलाव आया है। अब लोग एटीएम से ट्रांजिक्शन कर हर दिन 2500 रूपए निकाल रहे हैं तो कुछ लोग करेंसी एक्सजेंच कर नई व्यवस्था में खुद के खर्च के लिए प्रबंध करने में लगे हैं। कुछ तो ऐसे हैं जो अपने खातों में लोगों का कालाधन जमा करवा रहे हैं।

मगर इन सभी के बीच क्रय - विक्रय की एक बेहतर व्यवस्था निर्मित हुई है। क्या आपने कभी विचार किया है कि आप हाथ हिलाते हुए बाजार चले जाऐं आपको बड़े पैमाने पर नोट ले जाने, या अपने बैंक के दस्तावेज ले जाने की जरूरत न पड़े और फिर आप बड़ी खरीदी कर लें। या फिर दफ्तर से लौटते समय आप अपने परिजन के लिए कुछ खरीद लाऐं लेकिन इसके लिए आपको अपने बटुए में अधिक नोट न ले जाना पड़ें।

आप कहीं खरीदी बिक्री कर रहे हों तब आपको इस बात की चिंता न हो कि खुल्ले के तौर पर आपको कहीं फटा, पुराना या फिर टेप लगा चिपका हुआ नोट तो वापस नहीं किया जा रहा है। जी हां, आपको इन परेशानियों से निजात मिल सकती है। इस नई व्यवस्था में आपने गौर किया होगा कि जितना भी इलेक्ट्राॅनिक कैशलैस सिस्टम था वह जाम नहीं हुुआ। अर्थात् यदि किसी दुकान पर आपको आपका एटीएम डेबिट कार्ड स्वेप करने की सुविधा मशीन से मिल गई हो तो आपके डेबिट कार्ड से खरीदे गए सामान के पैसे कटे, या फिर नेट बैंकिंग जिसमें पेटीएम भी शामिल है उसके माध्यम से आपको सुविधा हुई।

हालांकि अभी छोटे - छोटे व्यापारियों, फुटकर विक्रेताओं के पास यह सुविधा नहीं है लेकिन 500 रूपए और 1000 रूपए के नोट बंद होने के बाद मोबाईल में बैलेंस रिचार्ज करवाने वाली कुछ दुकानों पर पेटीएम सुविधा मिलती देखी गई। ऐसे में वे दिन दूर नहीं जब हर व्यक्ति इस सुविधा का लाभ ले सकेगा। जिस तरह से हर व्यक्ति की पहुंच तक मोबाईल फोन तकनीक आ गई लोग स्मार्ट फोन यूज़ करने और उसमें इंटरनेट से सुविधाऐं प्राप्त करने लगे तो अब यह भी संभव है कि लोगों को लगभग हर प्रतिष्ठान पर कैशलेश ट्रांजिक्शन की सुविधा मिलेगी।

इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि देश की मुद्रा नकली नोटों के चलन से प्रभावित नहीं होगी और न ही व्यवस्था को कालाधन प्रभावित करेगा। इससे आम आदमी को ही सुविधा होगी और उसे मुद्रा के परिवहन की परेशानी का सामना भी नहीं करना होगा। नौकरशाहों और अहर्निश सेवा में लगे नेताओं की टीम के साथ कार्य करने वाले मोदी जी के इस मंत्र से जनता का कुछ भला होगा इसकी उम्मीद है।