जब होती है प्रभु की कृपा तब होता है कल्याण

Sep 30 2015 01:46 AM
जब होती है प्रभु की कृपा तब होता है कल्याण

इस मानव देह को प्राप्त करने वाले हर एक प्राणी को धार्मिक कर्मों से जुड़े रहना चाहिये। क्योंकि यह मानव का तन बहुत ही मुश्किल से प्राप्त होता है. जब हमारे कर्मों के फल अच्छे होते है तभी यह देह प्राप्त होती है। हमें अपनें इस शरीर का सद उपयोग करना चाहिये तथा भगवान की भक्ति करना चाहिये। अच्छे कर्मों से प्रभु प्रसन्न होते है और मानव का कल्याण करते है। भगवान ही इस जग के पालनहार हैं।

इनकी ही कृपा से मानव का कल्याण होता है भगवान की महिमा अपरम्पार है वे अपनें भक्तों की रक्षा करते है जगत के पालन हार हैं । हमें इनकी आराधना करनी चाहिये। भगवान की भक्ति करने वालों के सम्मुख किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं आती है और यदि हमारे कर्मों की वजह से आ भी गई तो इनकी भक्ति से जल्द ही टल जाती है। और जीवन हमेशा सुखमय व्यतीत होता है।

जीवन में आनंद की प्राप्ति के लिए धर्म कर्मों से जुड़े रहना चाहिये और भगवान की भक्ति करना चाहिये। ईश्वर एक है चाहे व्यक्ति किसी भी धर्म, जाति, संप्रदाय का हो बस मानने व अनेकों रूपों में  देखने का ढंग अलग अलग है। 

इसलिये कहा गया है कि - 

सब धर्मों का सार एक है। 

दिल से दिल की तार जोड़ लो सीधी सच्ची बात एक है।

भगवान को अनेकों रूपों में मानते हुये भक्ति करने का तरीका बस अलग है सार तो एक ही है सब मानव का कल्याण भगवान की अराधना करने वालों को हमेशा ही सुख मिलता है उसके जीवन को कष्ट परेशानियों से मुक्ति मिलती है।