गोवा और मेघालय सी गलती नहीं दोहराना चाहेगी कांग्रेस

दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की काउंटिंग शुरू होने वाली है. 2019 के लिए सेमीफाइनल समझे जा रहे इस चुनाव के लिए कांग्रेस, बीजेपी और जेडीएस, तीनों ने ही अपनी पूरी ताकत झोक दी है. कांग्रेस ने काउंटिंग से एक दिन पहले कल दो वरिष्ठ नेताओं अशोक गहलोत और गुलाम नबी आजाद को कर्नाटक भेज दिया है. वोटिंग के बाद सामने आए एग्जिट पोल में अधिकतर त्रिशंकु विधानसभा का इशारा कर रहे हैं, जिस वजह से जेडीएस किंग मेकर की भूमिका में आ सकती है. एक तरफ तो कांग्रेस अपनी सियासी गोटी बिछा रही है.

वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने किसी दलित के लिए सीट छोड़ने के सिद्धारमैया के बयान को आधार बनाते हुए कहा है कि यह हार मानने जैसा है. बीजेपी ने दावा किया है कि उसे अकेले बहुमत मिल जाएगा. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के 130 सीटें जीतने के दावों पर तंज कसा है. आजाद ने कहा कि, 'अमित शाह ने कहा था कि उन्हें गुजरात में 150 सीटें मिलेंगी. उन्हें कितनी मिलीं?'

दरअसल कांग्रेस को चिंता इस बात की है कि अगर एग्जिट पोल के नतीजे और अंतिम परिणाम एक जैसे रहे तो गेंद जेडीएस के पाले में चली जाएगी. गोवा और मेघालय जैसे प्रदेशों में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई.  कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया का दलित के लिए पद छोड़ने वाले बयान का अभी अलग-अलग अंदाजा लगाया जा रहा है. बहरहाल कांग्रेस गलती दोहराना नहीं चाहती.

 

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