कई रोमांचक फिल्मों के राइटर थे गिरीश कर्नाड

कई रोमांचक फिल्मों के राइटर थे गिरीश कर्नाड

गिरीश कर्नाड एक भारतीय अभिनेता, फिल्म निर्देशक, कन्नड़ लेखक, नाटककार और रोड्स स्कॉलर थे, जिन्होंने मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय सिनेमा और बॉलीवुड में काम किया। 1960 के दशक में एक नाटककार के रूप में उनके उदय ने कन्नड़ में आधुनिक भारतीय नाटक लेखन के युग को चिह्नित किया, जैसा कि बादल सरकार ने बंगाली में, विजय तेंदुलकर ने मराठी में और मोहन राकेश ने हिंदी में किया था। वह 1998 के ज्ञानपीठ पुरस्कार के प्राप्तकर्ता थे, जो भारत में सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है।

गिरीश कर्नाड का जाना हिंदी नाट्य और रंगकर्म की विश्व में शून्य पैदा कर चुका है। गिरीश जी अपने वक़्त की सर्वाधिक जागरूक आवाज रहे। विसंगतियों के  मध्य प्रश्न उठाने वाली कलम। रंगमंच और साहित्य-लेखन से मूवी दुनिया तक फैला उनका रचनात्मक संसार विशाल और व्यापक था।

गिरीश जी के किस्से और अनुभव का संसार हर एक व्यक्ति, संस्था के लिए अलग ही थे। वे कइयों के मध्य एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में दिखाई दिए, तो कई लोग नाटक और रंगकर्मी के रूप में उन्हें पहचानते है। मूवी और निर्देशन के संसार में वे एक अलहदा व्यक्ति थे। दरअसल, वे भाषाई समृद्धता, सामाजिक विविधिता और विशाल सांस्कृतिक  व कलात्मक विश्व की एक अनोखी आवाज थे।

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