आखिर क्यों अंतिम संस्कार के बाद लौटते समय नहीं देखना चाहिए पीछे मुड़कर?

गरुड़ पुराण को 18 महापुराणों में से एक कहा जाता है। इसमें शख्स को सदाचार, नीति, यज्ञ, जप, तप, वैराग्य आदि के बारे में कहा गया है, साथ-साथ मृत्यु के नियम तथा ​मृत्यु के पश्चात् के हालातों का भी जिक्र किया गया है। गरुड़ पुराण में अंतिम संस्कार के नियमों के बारे में भी कहा गया है तथा शव दाह करने के पश्चात् पीछे मुड़कर न देखने की बात कही गई है। यहां जानिए इसके बारे में...

गरुड़ पुराण में बताया गया है कि मनुष्य का शरीर नष्ट होने के पश्चात् भी उसकी आत्मा नष्ट नहीं होती। शख्स की मौत के पश्चात् वो आत्मा ही सूक्ष्म शरीर धारण करके अन्य लोकों में जाकर अपने पाप या पुण्य के कर्मों को भोगती है तथा वक़्त आने पर दूसरा शरीर धारण कर लेती है। गरुड़ पुराण के अनुसार, मरने के पश्चात् आत्मा अपने शरीर को भस्म होते अपनी आंखों से देखती है।

गरुड़ पुराण के मुताबिक, अपने शरीर के जलने के पश्चात् भी आत्मा का मोह अपने परिजनों के साथ समाप्त नहीं होता तथा वो उनके पास फिर से उनके पास वापस जाना चाहती है। ऐसे में संबंधियों के पीछे मुड़कर देखने से आत्मा को लगता है कि आपके भीतर अब भी उसके प्रति मोह शेष है। ऐसे में आत्मा के लिए मोह बंधन से निकल पाना सरल नहीं होता। इसलिए शव दाह के पश्चात् पीछे मुड़कर न देखकर उसे ये संदेश दिया जाता है कि अब उस आत्मा के मोह बंधन से मुक्त होने का वक़्त आ गया है। इसलिए अब उसे अपने परिवार वालों का मोह छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए।

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