अदासा के गणपति

अदासा गांव नागपुर से 50 कि.मी. दूर बसा है और इस गांव में पहाड़ियों के बीच विराजमान अदासा गणपति भक्तों का कल्याण करते हैं. अपने इस रूप में बाप्पा भक्तों की बड़ी से बड़ी समस्या का भी समाधान कर देते हैं और समस्त चिंताओं से मुक्ति‍ दिलाते हैं. अदासा गणपति की ये प्रतिमा करीब 11 फीट ऊंची और 7 फीट चौड़ी है और स्वयंभू है जो एक ही पत्थर से निर्मित है.

मात्र दूर्वा चढ़ाने भर से बाप्पा अपने भक्तों  की झोली खुशियों से भर देते हैं. माना जाता है कि चाहे जैसा भी संकट हो सिद्धि विनायक के दर्शन से मुश्किलों के पहाड़ कट जाते हैं. बात चाहे नौकरी की हो या सुख शांति की, संतान की कामना हो. विनायक के दर्शन से सारे काम पूरे हो जाते है.
वामन पुराण के अनुसार जब वामन रूप में भगवान विष्णु राजा बलि के पास पहुंचे उससे पहले उन्होंने अदासा गांव के इसी स्थान पर भगवान गणेश की आराधना की थी. तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान गणेश ने शमि के वृक्ष से प्रकट होकर भगवान वामन को दर्शन देकर अपना आशीर्वाद दिया और इसिलिए गणपति को यहां शमि गणेश के नाम से भी पुकारा जाने लगा.

वसंत पंचमी पर भगवान गणेश के जन्म का शानदार जश्न मनाया जाता है. उस समय देशभर से हजारों श्रद्धालु यहां उमड़ पड़ते हैं. माना जाता है संतान की खुशियों से वंचित महिलाओं को यहां बाप्पा का विशेष वरदान मिलता है. विनायक दर्शन देकर भक्तों का जीवन ही सफल नहीं करते, उसकी इच्छाओं को पूरा कर जीवन की राह भी आसान बना देते हैं.

गणेश जी के 108 नाम जप से करे हर कार्य सिद्ध !!

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