सरदार की कठिन तपस्या

एक सरदार के कोई संतान नहीं थी उसने खूब मन्नतें मांगी, नंगे पैर तीर्थ यात्रा पर गया, भूमि पर सोया,सारे देवी देवताओं के दर्शन किए,बहुत दिनों तक उपवास किया और अंत में कठिन निर्जला व्रत आरम्भ कर दिया। तब भगवान् खुद प्रकट हुए और हाथ जोड़ कर बड़े दीन भाव से बोले.. " तू एक सच्चा भक्त बन पाये या न बन पाये लेकिन इस तपस्या से तूने ये तो सिद्ध कर दिया की तू एक सच्चा सरदार जरूर है।"

सरदार :- बस आपकी कृपा है, प्रभु वो सब तो ठीक है लेकिन मै बाप कब बनूँगा।
भगवान :- "पहले शादी तो कर मेरे बाप तब तो बाप बनेगा "

 

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