हसीं मज़ाक

हसीं मज़ाक

एक गरीब औरत सड़क पर गोद में अपने बच्चे को लेकर रोये जा रही थी, तभी वहाँ से सरदार गुज़र रहा था। सरदार ने उसके रोने का कारण पूछा।
औरत बोली, "बच्चा बहुत बीमार है और दवा के लिए पैसे नहीं हैं।"
सरदार ने जेब से 1000 का नोट दिया और कहा कि जाओ जाकर दवाई ले आओ और बच्चे के लिए कुछ खाना और दूध भी ले लेना, बाकी जो बचे मुझे लाकर लौटा देना मैं यहीं खड़ा हूँ।
थोड़ी देर बाद औरत आई और 800 रूपये लौटाती हुई बोली कि 100 रुपये डाक्टर ने लिए, 60 रुपये का खाना और 40 रुपये का दूध आया है।
सरदार बहुत खुश हुआ और सोचने लगा कि 'नेकी कभी बेकार नहीं जाती। डाक्टर को फीस भी मिल गई, बच्चे को दवा, दूध और खाना भी मिल गया।....और मेरा नकली नोट भी चल गया।
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एक आदमी मरने के बाद नरक में गया।
कुछ सालों बाद उसके गांव के ही पंडित उसे नरक में मिल गये.
उस आदमी को बड़ा आश्चर्य हुआ की,..
'सारा गांव जिन पंडित की इंसानियत की कसमें खाता था,
उन्हे तो स्वर्ग में जाना चाहिये था.' उसने हैरान होकर पंडित से पूछ ही लिया-
" पंडितजी! आप यहाँ कैसे ???
" पंडित-" पंडिताईन के कारण!
" आदमी- " मतलब ?? "
पंडित- " मैंने मेरी पूरी जिंदगी में कभी झूठ नही बोला, बस बीवी से झूठ बोलना पढता था....
"आदमी- " मै कुछ समझा नही....
"पंडित- " वो रोज सुबह तैयार होकर मुझसे पूछती- मै कैसी लग रही हूँ जी ??? "
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