मैगी पर बैन लगाने वाले FSSAI प्रमुख मलिक को नीति आयोग में मिला स्थान

नई दिल्ली : मैगी में अमानक सामग्री पाए जाने के बाद देशभर में मैगी को प्रतिबंधित कर दिया गया। जिसके बाद नेस्ले इंडिया को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि मैगी इंडिया ने इस मामले में मुंबई उच्च न्यायालय में वाद दायर किया। जिसके बाद मुंबई उच्च न्यायालय ने इसे भारत से बाहर व्यापार करने की अनुमति दी लेकिन देश में इस पर अभी भी प्रतिबंध लगा हुआ है। हालांकि अब मैगी को लेकर कुछ सकारात्मक पहल होती नज़र आ रही है।

मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में प्रशासन ने इस मामले से जुड़े एक अधिकारी का स्थानांतरण कर दिया है। जिसके बाद इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। मामले में कहा गया है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण के सीईओ युद्धवीर सिंह मलिक को नीति आयोग में स्थानांतरित कर दिया गया है। अब इन्हें इस आयोग में अतिरिक्त सचिव का कार्य दिया जा रहा है। 

दरअसल नेस्ले इंडिया के प्रोडक्ट मैगी को प्रतिबंधित करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। इस मामले में यह बात सामने आई है कि श्री मलिक को बीते वर्ष ही एफएसएसएआई का सीईओ बनाया गया था। अब इस तरह के बदलाव से मैगी को लेकर नया संकेत मिला है। माना जा रहा है कि मैगी को लेकर सरकार कुछ नरम हुई है और अब मैगी पर लगा बैन हटाया जा सकता है या फिर नेस्ले इंडिया से हर्जाना वसूलकर उसे फिर से व्यापार की अनुमति दी जा सकती है। मलिक को नीति आयोग में स्थानांतरित किए जाने को लेकर माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका बेहद अहम रही है।

नूडल के सैंपल्स को प्रयोगशाला में जांच के लिए मंगवाया गया था। जिसमें यह पाया गया कि मोनोसोडियम ग्लूटामेट के साथ ही सीसे की मात्रा इसमें कहीं अधिक थी। जिसके बाद इसे बैन कर दिया गया। दरअसल मैगी खाने से कुछ लोग बीमार हो गए थे। इसके बाद मैगी को लेकर शिकायतें आ रही थीं। जिसके बाद इसे दिल्ली, गुजरात, पंजाब समेत अन्य राज्यों में प्रतिबंधित कर दिया गया। 

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