मैगी फिर पड़ी आफत में, FSSAI ने पुन: दायर की याचिका

नई दिल्ली : देश भर में झटपट तैयार होने वाली मैगी नूडल्स के पुनः आगमन पर खुशियाँ मनाई जा रही है, तो वहीं फूड सेफ्टी एण्ड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने मैगी से प्रतिबंध हटाए जाने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। यह याचिका मुंबई उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें कोर्ट ने इसे सुरक्षित बताते हुए बाजार में पुनः लाने की अनुमति दी थी। FSSAI ने संबंधित प्रयोगशालाओं को भेजे गए मैगी के नमूनों को ही त्रुटिपूर्ण बताया है।

इस पर FSSAI ने दलील दी है कि उच्च न्यायालय ने किसी तटस्थ प्राधिकार की बजाय स्विस कंपनी की भारतीय इकाई नेस्ले को ही नए नमूने उपलब्ध कराने के लिये कह कर गलती की है। इससे पहले, उच्च न्यायालय ने देश में मैगी नूडस्ल की नौ किस्मों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी FSSAI और महाराष्ट्र के खाद्य नियंत्रक के आदेशों को निरस्त कर दिया था। न्यायालय ने यह कहा था कि इस मामले में एक पक्षीय फैसला लिया गया है, क्यों कि दूसरे पक्ष की बात सुनी ही नही गई। FSSAI ने फूड इंस्पेक्टरों के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी को हटाने की भी मांग की है।

मैगी के नमुनों की जाँच केवल सरकारी मान्यता प्राप्त लैब्स में कराने पर भी सवाल उठाए गए। इस पूरे मसले पर नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता का कहना है कि उन्हें अदालत की ओर से कोई कानूनी नोटिस नही मिला है। सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर यह डाला गया है कि FSSAI ने मैगी के खिलाफ याचिका दायर की है।

उन्होने यह भी कहा कि हमें इस बात की भी जानकारी नहीं है कि इस याचिका में क्या है। फिर भी हम इस बात को दोहराते हैं कि नेस्ले इंडिया को मैगी नूडल्स की गुणवत्ता व उसके सुरक्षित होने पर पूरा भरोसा है। ऐसे में हम मजबूती से अपना बचाव करते हुए अपना पक्ष रखेंगे।

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