Best Ever Friendship शायरी

जीत की खातिर बस जुनून चाहिए,
जिसमे उबाल हो ऐसा खून चाहिए,
यह आसमान भी आएगा जमीन पर,
बस इरादों मे जीत की गूँज चाहिए.


आप होते जो मेरे साथ तो कैसा होता,
बात बन जाती अगर बात तो कैसा होता,
सबने माँगा है मुझसे मुहब्बत का जवाब,
आप करते जो सवालात तो कैसा होता.


वो करीब ही ना आये इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार काया करते, 
मर गए हम पर खुली रही आँखे, 
इससे ज्यादा किसी का इन्तजार क्या करते, 
इज़हार शायरी.


कभी वादे के नाम पर,
कभी सौदे के नाम पर,
हम बेचे जाते हैं आज भी,
मोहब्बत के नाम पर.


वो मुझ तक आने की राह चाहता है,
लेकिन मेरी मोहब्बत का गवाह चाहता है,
खुद आते जाते मौसमो की तरहा है,
और मेरे इश्क़ की इंतेहः चाहता है.


आशकी लिखे दीवानगी लिखे या अपनी ख्मुशी लिखे, 
दिल के ज़ज्बात अब अल्फाज़ नही बनते, 
आखिर आज क्या लिखे.


तेरी चाहत मेरी आँखों में है, 
तेरी खुशबू मेरी सांसो में है,
मेरे दिल को जो घायल कर जाए, 
ऐसी अदा सिर्फ तेरी बातो में है.


यूं नजर से बात की और दिल चुरा गए, 
अँधेरे से सायो में धड़कन सुना गए, 
हम समझते थे अजनबी आप को, 
पर आप तो हमको अजनबी बना गए.

रमज़ान मुबारक शायरियां

या रब ग़म-ए-हिज्राँ में इतना तो क्या होता -चराग़ हसन हसरत

चुप -एजाज़ फारूक़ी

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -