चार भारतीय पति-पत्नी की अमेरिका सरकार से जालसाजी

वॉशिंगटन : अमेरिका की फ़ेडरल प्रॉसिक्यूटर्स ने दो भारतीय मूल के दम्पति को अमेरिका को जाली वीज़ा बनने के आरोप में दोषी पाया है. सुनीता गुंतिपल्ली और वेंकट गुंतिपल्ली और प्रताप बॉब कोंदामूरी और संध्या रामिरेड्डी को एच-1बी वीजा साजिश रचने, झूठा बयान देने, मेल में जालसाजी करने, न्याय में बाधा डालने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने सहित कुल 33 आरोपों में दोषी पाया है. 

दम्पतियों द्वारा एच-1बी वीजा आवेदन में कुछ खास कंपनी में काम करने का जीकर किया गया था. जबकि असल में सम्भादित कंपनी है ही नहीं. सरकार की तरफ से सुनीता गुंतिपल्ली और वेंकट गुंतिपल्ली पर आरोप लगाए है. जिसमे सरकार का कहना ही डी. एस. सॉफ्ट टेक और इक्विनेट नाम की दो कंपनियों 33 लाख तक का नेट प्रॉफिट कमाया था. वही 2010 से 2014 के बीच करीब 1 करोड़ 70 लाख का ग्रॉस प्रॉफिट कमाने की बात कही गयी है. दम्पति द्वारा ही मिल कर दोनों कंपनियों की स्थापना की गयी थी.

उधर कोंडामूरी एसआईएसएल नेटवर्क का मालिकाना हक़ रखते है. उनकी कंपनी को भी पूरे मामले में दोषी पाया गया है. सम्पतियो द्वारा वीज़ा के आवेदन के लिए कैलिफोर्निया के तीन निगमों का गलत तरिके से इस्तेमाल किया गया था.

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