अमेरिका से भारत पहुंचा चिनूक हेलीकाप्टर का पहला जत्था, जानिए क्या है इसकी विशेषता

Feb 10 2019 09:00 PM
अमेरिका से भारत पहुंचा चिनूक हेलीकाप्टर का पहला जत्था, जानिए क्या है इसकी विशेषता

नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना के लिए 4 चिनूक हेलिकॉप्टरों का पहला लॉट रविवार को  गुजरात के मुंद्रा हवाई अड्डे पर पहुंच चुका है। भारत ने अमेरिका से 15 चिनूक हेलिकॉप्टरों की खरीद की है। इस हेलिकॉप्टर को बोइंग ने निर्मित किया है। गत सप्ताह अमेरिका के फिलाडेल्फिया में बोइंग ने भारत को पहले चिनूक हेलिकॉप्टर की खेप आधिकारिक रूप से प्रदान कर दी थी। ट्रांसफर सेरेमनी के अवसर पर विमान निर्माण करने वाली कंपनी बोइंग के अफसरों ने अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रींगला को चिनूक हेलिकॉप्टर दे दिया था। 

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इस मौके पर DGAO एयरमार्शल ए देव समेत एयरफोर्स के कई अफसर भी उपस्थित थे। वर्ष 2015 में भारत ने बोइंग को 22 AH-64E अपाचे हेलिकॉप्टर और 5 CH-47F(I) ट्रांसपोर्ट चिनूक हेलिकॉप्टर के लिए आर्डर दिया था। जानकारी के अनुसार, भारत को तमाम हेलिकॉप्टर इस वर्ष के अंत तक मिल जाएंगे। अपाचे AH-64E हेलिकॉप्टर और चिनूक ट्रांसपोर्ट CH-47F(I) के नए मॉडल वायुसेना के बेड़े में शामिल होकर और शक्ति प्रदान करेंगे। 

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बोइंग के अनुसार, अपाचे की गिनती विश्व के सबसे अच्छे लड़ाकू हेलिकॉप्टर के तौर पर होती है। वहीं दूसरी तरफ, चिनूक हेलिकॉप्टर की खूबी यह है कि ये हेलकॉप्टर बहुत ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। चिनूक हेलिकॉप्टर भारी-भरकम सामान को भी आसानी से ऊंचाई पर पहुंचा सकता है। अमेरिकी सेना खुद भी लंबे समय से अपाचे और चिनूक दोनों हेलिकॉप्टरों का उपयोग कर रही है।

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