कोरोना पीड़ित स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बनाया जाए अलग अस्पताल - FORDA

नई दिल्ली: देश में अब तक 50 डॉक्टर्स और स्वस्थ्य कर्मियों को कोरोना संक्रमण हो चुका हैं. इससे न केवल केंद्र सरकार चिंतित है, बल्कि मेडिकल स्टाफ के अंदर भी खौफ बैठ गया है. हाल ही में कई डॉक्टर्स ने यह शिकायत की थी कि पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) किट कमी के कारण मेडिकल स्टाफ के कोरोना वायरस से संक्रमित होने का अधिक खतरा है.

अब फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने यह मांग की है कि डॉक्टर्स की सुरक्षा के लिए कोरोना संक्रमित हेल्थ केयर वर्कर्स का उपचार अलग अस्पताल में हो. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि डॉक्टर्स और हेल्थ केयर वर्कर्स जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को लिखे पत्र में कोरोना वायरस से निरंतर संक्रमित हो रहे डॉक्टर्स की बढ़ती तादाद को लेकर भी FORDA ने चिंता जताई है.

इसी तरह लोकनायक अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स को लेकर चिंता प्रकट की है.‌ एनएसथीसिया डिपार्टमेंट के दो रेजिडेंट डॉक्टर्स के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद लोकनायक अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने मेडिकल निदेशक को एक खत भी लिखा है. जिसमे कोरोना से ग्रसित स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अलग से इलाज की व्यवस्था की जाए.

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