मुंब्रेश्वर मंदिर: प्रसाद में जहर मिलाने की साजिश, इस्लामी प्रचारक जाकिर नाइक से प्रभावित थे आरोपी

Jul 25 2019 01:44 PM
मुंब्रेश्वर मंदिर: प्रसाद में जहर मिलाने की साजिश, इस्लामी प्रचारक जाकिर नाइक से प्रभावित थे आरोपी

मुंबई: वर्ष 2019 की शुरुआत में इस्लामिक स्टेट से संपर्क के संदेह में महाराष्ट्र से पकड़े गए 10 लोगों से हुई पूछताछ के बाद ऐंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने बड़ा खुलासा किया है। एटीएस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि इस दल में शामिल संदिग्ध तल्हा पोट्रिक ने महाराष्ट्र के मशहूर मुंब्रेश्वर मंदिर के महाप्रसाद में जहर मिलाने का षड़यंत्र रचा था। इस साजिश को दिसंबर में मंदिर परिसर में हुई श्रीमद भागवत कथा के दौरान अंजाम देने का प्रयास किया गया था, किन्तु दहशतगर्द इसमें कामयाब नहीं हो सके थे। एटीएस ने यह दावा भी किया कि गिरफ्तार किए गए संदिग्ध इस्लामिक धर्म प्रचारक जाकिर नाइक की विचारधारा से प्रभावित थे। 

एटीएस द्वारा सोमवार को इस मामले में दाखिल की गई चार्जशीट में कहा गया है कि संदिग्धों ने चार सौ वर्ष पुराने मुंब्रेश्वर मंदिर के महाप्रसाद में जहर मिलाने का षड्यंत्र रचा था। जिस दिन इस साजिश को अंजाम दिया जाना था, उस दिन मंदिर के महाप्रसाद को 40 हजार से अधिक लोगों ने खाया था। दहशतगर्दों की योजना थी कि महाप्रसाद में जहर मिलाकर बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं की जान ली जा सके। एटीएस ने इस मामले में आरोपपत्र दाखिल करते हुए सभी संदिग्धों की पहचान बताई है, जिनमें से 9 बालिग और 1 नाबालिग शामिल है। 

एटीएस के आरोपपत्र में यह भी कहा गया है कि यह सभी लोग विवादास्पद इस्लामी धर्म प्रचारक जाकिर नाइक की विचारधारा से प्रभावित थे। आपको बता दें कि जाकिर नाइक वही व्यक्ति है, जिस पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भारत में आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने को लेकर तमाम मामले दर्ज किए हैं। एटीएस के मुताबिक, इन सभी संदिग्धों के सोशल मीडिया अकाउंट्स से जाकिर नाइक की तस्वीरें और विडियो पाए गए हैं। 

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