चिकन लाने में देरी हो जाने से चली दनादन गोलिया, कई घायल

Oct 07 2015 01:32 AM
चिकन लाने में देरी हो जाने से चली दनादन गोलिया, कई घायल

नई दिल्ली : दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके में सोमवार देर रात प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में पार्टी कर रहे 10-12 लोगों ने नशे में जमकर तांडव मचाया। रेस्त्रा से चिकन पहुंचाने में देरी होने पर इन दबंगो को इतना गुस्सा आया की वह रेस्तरां पर जा धमके और वहा पहुंचकर धमकाना शुरू कर दिया। विवाद जब बढ़ने लगा तो तो एक आरोपी ने रेस्तरां पर काम करने वाले 30 वर्षीय कर्मचारी सुनील पर गोली चला दी। घटना के बाद से आसपास की करीब 2 दर्जन दुकानें मंगलवार को बंद रहीं।

गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंच गए। इसके बाद मामला और ज्यादा बिगड़ गया। फिर क्या था, शराब के नशे में धुत इन आरोपियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीकांड में 68 वर्षीय रतन और 65 वर्षीय गोपाल सिंह के अतिरिक्त 12 साल की कुसुम भी जख्मी हो गई। इसके बाद आक्रोशित लोगों की भीड़ लाठी-डंडों के अलावा ईंट-पत्थर लेकर इन हुड़दंगियों के पीछे दौड़ पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आरोपियों ने भागते हुए भी दर्जनों राउंड फायरिंग की। भीड़ ने प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस के अलावा वहां खड़ी उनकी 3 कारों को बुरी तरह से तोड़ दिया। चारों जख्मियों का अलग-अलग अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने हत्या की कोशिश और आर्म्स ऐक्ट की धाराओं में मुकदमा दायर कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तरुण दुआ उर्फ सोनू अपने परिवार के साथ झील कुरंजा में रहता है। झील चौक से कृष्णा नगर लाल क्वॉर्टर की तरफ जाने वाली मेन रोड वाली साइड पर उसने अपना ऑफिस बनाया हुआ है। ऑफिस पर साहिल प्रॉपर्टी डीलर नाम से बोर्ड लगा हुआ है। सोमवार रात तरुण अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर रहा था। पार्टी के दौरान उसने ऑफिस के ठीक सामने बने बने रेस्टोरेंट से चिकन का ऑर्डर दिया था। पार्टी में चिकन पहुंचाने में देरी होने पर तरुण अपने एक साथी को साथ लेकर उस रेस्तरां पर पहुंच गया।

चिकन जल्दी न पहुंचाने को लेकर उसकी रेस्तरां मालिक से कहासुनी हो गई। बात ज्यादा बढ़ गई तो तरुण और उसके साथी ने रेस्तरां मालिक को धमकाना शुरू कर दिया। वहां मौजूद रेस्तरां के कर्मचारी सुनील ने भी इसका विरोध किया। इस पर तरुण के साथी ने उसे गोली मार दी। इसके बाद उसने ऑफिस में बैठे अपने बाकी साथियों को भी वहां बुला लिया। शोर-शराबा सुनकर पड़ोस में रहने वाले रतन और गोपाल ने वहां पहुंचकर बीच-बचाव कराने की कोशिश की। इस पर तरुण और उसके साथियों ने उनके ऊपर भी फायरिंग शुरू कर दी।

एक गोली रतन के सिर में लगी, जबकि गोपाल के पेट में गोली लग गई। हंगामा करने वाले आरोपियों की पिस्तौल और माउजर से निकली गोली अपने घर की बालकनी में खड़ी कुसुम के पेट में भी लग गई। इसके बाद रेस्तरां पर काम करने वाले कर्मचारियों के अलावा जख्मियों के परिवार के लोग लाठी-डंडे लेकर अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। भीड़ को देखकर सभी आरोपी अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। भागते हुए वे भीड़ पर लगातार फायरिंग भी करते रहे। भीड़ ने गीता कॉलोनी थाने तक उनका पीछा किया। इसके बाद भीड़ ने तरुण के ऑफिस में घुसकर जमकर तोड़फोड की। इतना ही नहीं, भीड़ ने ऑफिस के बाहर खड़ी आरोपियों की तीन कारों पर भी जमकर अपना गुस्सा उतारा।

फायरिंग में कई लोगों को गोली लगने की सुचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल भी जा पंहुचा, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी जख्मियों को जीटीबी हॉस्पिटल ले जाया जा चुका था। वहां से बाद में रतन को मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जख्मियों में से लड़की कुसुम और रतन की हालत गंभीर बताई जाती है। पुलिस ने गोपाल के बयान पर हत्या की कोशिश सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने तरुण के अलावा योगेश नाम के आरोपी की पहचान तो कर ली, लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तरुण परिवार समेत अपने घर से फरार है। पुलिस वारदात में शामिल बाकी आरोपियों की पहचान करने के लिए आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाल रही है।