चार हफ्तों में फेयरनेस का दावा करना पड़ा इमामी को 15 लाख महंगा

नई दिल्ली : आए दिन टीवी पर विज्ञापन देख कितने ही लोग गोरे होने के चक्कर में न जाने कितने ही क्रीम खरीदते है। पर फायदा बिल्कुल भी नही होता है, इसके बाद फिर नई क्रीम। आम तौर पर लोग यही करते है, लेकिन निखिल नाम के एक युवा ने फायदा न होने पर कंपनी के खिलाफ मुकदमा ठोक दिया। इसके कारण कंपनी को न केवल निखिल को 15 लाख का जुर्माना देना पड़ा बल्कि विज्ञापन भी वापस लेने होंगे।

चार हफ्तों में चेहरे को गोरा करने का दावा करना इमामी कंपनी को महंगा पड़ गया है। युवक ने कानून की पढ़ाई कर रहे अपने छोटे भाई की मदद से कंपनी पर उपभोक्ता न्यायालय में केस दर्ज कर दिया। युवक ने केस तीन साल पहले 2013 में किया था। जिसमें निर्णय अब आया है, उसके तहत कंपनी को उन्हें 15 लाख रुपए जुर्माना देने होंगे। इस फैसले में यह भी कहा गया है कि कंपनी को अपना वह विज्ञापन भी वापस लेना होगा, जिसके तहत उसने गोरा बनाने का दावा किया था।

निखिल ने बताया कि विज्ञापन देखकर क्रीम खरीदने के बाद उन्होने एक माह तक इसका प्रयोग किया। पर कोई फायदा नही हुआ। उनका कहना है कि उनका मकसद बस इतना है कि ऐसे दावों से लोग ठगे न जाए। उन्होने ने तो कंपनी से किसी मुआवजे की मांग भी नही की थी। केवल कानूनी कार्रवाई का खर्च मांगा था, जिसके लिए कोर्ट उन्हें 10000 अलग से देगी। 15 लाख की यह राशि दिल्ली के उपभोक्ता कल्याण निधि में जाएगी।

बता दें कि इमामी की फेयर एण्ड हैंडसम नाम की क्रीम का विज्ञापन 2007 से शाहरुख खान करते आ रहे है। जिसमें वो तीन-चार हफ्तों के प्रयोग के बाद गोरा होने का दावा करते है। यह क्रीम पुरुषों के लिए है, जो 2005 में शुरु की गई थी। हांलाकि कंपनी ने निखिल को मामले को कोर्ट से बाहर सुलह करने को भी कहा। पर उनका मकसद कंपनी के साथ-साथ एक्टर्स को भी एक सबक देना था।

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