नौकरियों के मामले में अच्छा रहा पिछला वित्त वर्ष, वित्तीय रिसर्च एजेंसी का दावा

नई दिल्लीः इन दिनों देश में मंदी की चर्चा हो रही है। जिसके कारण बड़े पैमाने पर रोजगार खत्म हुए। पिछले साल आए एक रिपोर्ट के अनुसार बीते 45 साल में देश में सबसे बड़ा रोजगार संकट उत्पन्न हो गया है। लेकिन एक वित्तीय रिसर्च एजेंसी सीएलएसए की रिपोर्ट के अनुसार पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में नौकरियों में छह परसेंट की वृद्धि दर्ज की गई। इनमें 75 परसेंट नौकरियां आइटी सेक्टर से संबंधित रहीं। इन कंपनियों में नौकरियों के मामले में चालू वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में भी रफ्तार तेज बनी रही।

वित्त वर्ष 2018-19 में नौकरियों की स्थिति का अनुमान लगाने के लिए सीएलएसए ने देश की 241 लिस्टेड कंपनियों का सर्वे किया। ये सभी कंपनियों में कुल 45 लाख नौकरियां उपलब्ध कराती हैं। वित्तीय रिसर्च एजेंसी के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में इन कंपनियों में नौकरियों में छह परसेंट की वृद्धि हाल के कुछ वर्षो में सर्वाधिक है। इन कंपनियों ने करीब ढाई लाख नई नौकरियां इस अवधि में जोड़ीं।

सीएलएसए के मुताबिक इस दौरान आमतौर पर प्रति कर्मचारी लागत में चार परसेंट की बढ़ोतरी हुई। एजेंसी ने अपने सर्वे के आधार पर कहा है कि जहां तक बड़े कॉरपोरेट सेक्टर का सवाल है वित्त वर्ष 2018-19 में नई नौकरियों की स्थिति संतोषजनक रही। एजेंसी के अनुसार 80 फीसदी नौकरी आइटी क्षेत्र से आई है। आइटी सेक्टर में नौकरियों के अवसरों में वृद्धि की दर नौ परसेंट रही। एनबीएफसी सेक्टर में इससे अधिक वृद्धि दर यानि तेरह परसेंट दर्ज की गई। 

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