आर्थिक पैकेज: वित्त मंत्री की प्रेस वार्ता, इन 8 क्षेत्रों के लिए की बड़ी घोषणाएं

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की चौथी किस्त के बारे में जानकारी दी। इसमें उन्होंने 8 क्षेत्रों में सुधारों की घोषणा की। उन्होंने कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, सामाजिक बुनियादी ढांचा, विमानन, बिजली वितरण, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सुधारों का ऐलान किया।

1-कोयला
कोयला क्षेत्र में सरकार के एकाधिकार को समाप्त किया जाएगा। कोल सेक्टर में वाणिज्यिक खनन शुरू की जाएगी। भारत के पास विश्व का तीसरा सबसे बड़ा कोयला भंडार है। 50 नए ब्लॉक नीलाम होंगे।

2-मिनरल्स
खनिज क्षेत्र में संरचनात्मक सुधार किया जाएगा। 500 माइनिंग ब्लॉक मुहैया कराए जाएंगे। बॉक्साइट और कोयले की संयुक्त नीलामी होगी। स्टांप ड्यूटी को व्यावहारिक बनाया जाएगा।

3-बिजली 
केंद्रशासित प्रदेशों में बिजली वितरण का निजीकरण किया जाएगा। इससे अच्छी सेवा मिलेगी और पावर वितरण में मॉडल के रूप में विकसित करेंगे। बाकी प्रदेश भी इनसे प्रेरित होंगे। इससे पावर सेक्टर में स्थिरता आएगी। बिजली उत्पादन कंपनियों को वक़्त पर भुगतान हो सकेगा। साथ ही डीबीटी के जरिए सब्सिडी दी जाएगी।

4-सामाजिक बुनियादी ढांचा
अस्पताल और स्कूल जैसे सामाजिक बुनियादी ढ़ाचे में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग में संशोधन किया गया है। सरकार ने इसे 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया है। इससे निजी निवेश बढ़ेगा। इसके लिए 8100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

5-रक्षा क्षेत्र
देश में रक्षा उत्पाद बनाने वाले ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड का निगमीकरण किया जाएगा। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह निजीकरण नहीं है। इससे बोर्ड के कामकाज में सुधार आएगा। हम आशा करते हैं कि यह आगे सूचीबद्ध होगी जिससे आम नागरिकों को उसके शेयर खरीदने का अवसर मिलेगा। जिससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आएगी।

6-नागरिक उड्डयन
असैन्य विमानों के लिए वायुक्षेत्र की बंदिशों में कमी की जाएगी। अभी देश में उनके लिए सिर्फ 60 फीसदी वायुक्षेत्र ही मौजूद है। इससे ईंधन और वक़्त की बचत होगी और हवाई यात्रा करने वालों को कम किराया देना पड़ेगा।

7-अंतरिक्ष क्षेत्र
अंतरिक्ष में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को बढ़ाने का मौका दिया जाएगा। प्राइवेट कंपनियों को इसरो की सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे। जियोस्पेसल डेटा के लिए उदार नीति बनाई जाएगी, ताकि हमारे स्टार्ट अप को विदेशों पर आश्रित न रहना पड़े।

8-परमाणु ऊर्जा
मेडिकल आइसोटोप तैयार करने के लिए पीपीपी मोड में रिसर्च रिएक्टर की स्थापना होगी। इससे कैंसर जैसी बीमारियों के उपचार में दुनिया को मदद मिलेगी। अभी परमाणु ऊर्जा पूरी तरह सरकार के पास है।

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