फिल्म रिव्यू : तेरे बिन लादेन डेड और अलाइव में सबकुछ है डेड

फिल्म रिव्यू : तेरे बिन लादेन डेड और अलाइव में सबकुछ है डेड

बॉलीवुड में माना जाता है की अगर फिल्म की कहानी में दम है तो छोटे बजट की फिल्म भी कमाल कर जाती है. ऐसा ही कुछ फिल्म तेरे बिन लादेन ने भी कर के दिखाया था. जो की कम बजट की फिल्म थी. लेकिन अच्छी कहानी और नए कलाकारों के शानदार अभिनय ने फिल्म को सुपरहिट करा दिया. लेकिन 6 साल बाद फिल्म का सीक्वल क्या दर्शको का मनोरंजन कर पायेगी. इसीलिए लाये है हम फिल्म का रिव्यू.

अगर बात की जाए फिल्म की तो फिल्म की कहानी है मनीष पॉल की जिसके पिता हलवाई है और वो लाइफ में कुछ बड़ा करना चाहता है और ऐसे में उसे प्रद्युम्न सिंह मिलता है और वो उसे लादेन बनाकर तेरे बिन लादेन फिल्म बनाता है फिल्म हिट हो जाती है. उसके बाद वो सीक्वल की तैयारी करता है और इसी बीच लादेन मार जाता है. उधर अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा पर लादेन को मरने के बारे में साबुत देने के दबाव है.

एक आतंकी सरगना का किरदार निभा रहे है पीयूष मिश्रा है. जिसे लादेन के मारे जाने के कारण हथियारों के कारोबार को खतरा उत्पन्न होता है.और सबकी नजर एक बार फिर नकली लादेन पर जाकर टिकती है. फिल्म में मनीष और पीयूष मिश्रा कही कही गुदगुदाते दीखते है लेकिन सेंकेंड हाफ में आते आते फिल्म की गति धीमी हो जाती है. कुल मिलाकर फिल्म की कहानी काफी कमजोर है.