केंद्रीय मंत्री नकवी ने गिनाए एफडीआइ नियमों में सुधार के फायदे

चेन्नईः देश में चल रही आर्थिक सुस्ती को लेकर सरकार लगातार निशाने पर है। सरकार ने बीते दिनों इससे निपटने के लिए कई अहम कदमों का ऐलान किया। जिसमें एफडीआइ नियमों में सुधार भी शामिल है। सरकार का उद्देश्य इस सुधार से निवेश को आकर्षित करना है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस सरकार के इस कदम के बारे में बताते हुए कहा कि इससे विदेशी निवेश में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि हाल के समय में सरकार ने कई सेक्टर के लिए एफडीआइ नियमों में सुधार किया है।

इससे निवेश बढ़ेगा, जिससे रोजगार में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा पिछले कुछ समय से सरकार इकोनॉमी के क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है। सरकार द्वारा की गई घोषणाओं से भारत बिजनेस के अनुकूल जगह बनेगा। इससे समाज के सभी तबकों को बराबर के मौके मिलेंगे और लोग संपन्न होंगे। सरकार द्वारा उठाए गए कदम देश को पांच टिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में मददगार साबित होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने चार क्षेत्रों में बिजनेस को आसान बनाया है।

इसमें नया बिजनेस शुरू करना, दिवालियापन का समाधान करना, सीमा के पार बिजनेस करना और परमिट देना, जैसे सुधार शामिल हैं। इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड (आइबीसी) ने बैंकिंग सेक्टर के सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नकवी ने बैंकों के विलय के फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि बैंकिंग सुधार के क्षेत्र में यह बड़ा फैसला है। बता दें कि इस साल 28 अगस्त को एफडीआइ की नई नीति पेश की थी। इसके तहत सरकार ने कोल माइनिंग और कांट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरिंग में 100 परसेंट विदेशी निवेश की मंजूरी देने के अलावा सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआइ के नियमों को आसान बनाने का एलान किया है। सरकार ने प्रिंट मीडिया की तर्ज पर डिजिटल मीडिया में भी 26 परसेंट एफडीआइ की इजाजत दी।

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