दारूल उलूम का फतवा है विनाशकाल का परिचायक

दारूल उलूम का फतवा है विनाशकाल का परिचायक
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गोरखपुर : गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ ने भारत माता की जय के मामले में दारूल उलूम द्वारा जारी किए गए फतवे का विरोध किया है। उन्होंने इस मसले पर कहा कि दारूल उलूम का यह फतवा विनाशकाले विपरीत बुद्धि का परिचायक है। दरअसल वे गोरखनाथ मंदिर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। वे गोरक्षपीठ के महंत भी हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वेद उनके प्राचीनतम धर्मग्रंथ हैं। धर्मग्रंथ में स्पष्टतौर पर लिखा गया है कि धरती माता के स्वरूप में है।

उन्होंने कहा कि सभी इसके पुत्र हैं। ऐसे में मां की जय न कहने का सवाल नहीं उठता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए कहा कि विवेकानंद जी कहा करते थे कि जो लोग अपने पूर्वज, परंपरा, धर्म और संस्कृति के प्रति गौरव नहीं रखते हैं उनका अंत निकट होता है। उनकी स्थिति विनाशकाले विपरीत बुद्धि जैसी होती है।

उल्लेखनीय है कि दारूल उलूम ने फतवा जारी कर कहा कि वे भारत को माता स्वरूप में नहीं मानते हैं। वे इस मुल्क से प्रेम जरूर करते हैं लेकिन जिस तरह से भारत माता का स्वरूप किसी देवी की तरह है उस तरह से वे इसकी इबादत नहीं कर सकते हैं। इसे इस्लाम के विरूद्ध बताया गया है। जिसे लेकर विवाद हो गया। इस मामले में सांसद योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात कही और कहा कि यह फतवा उचित नहीं है।

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