पिता जेल में... और बेटी को सपा ने दे दिया टिकट, इस सीट से लड़ेगी चुनाव

आगरा: यूपी के आगरा की फतेहाबाद सीट से इलेक्शन लड़ रही रुपाली दीक्षित बहुबली अशोक दीक्षित की पुत्री हैं. अशोक दीक्षित जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. रुपाली सपा में शामिल होने से पहले भारतीय जनता पार्टी में थीं, किन्तु 2017 में टिकट नहीं मिल पाने की वजह से उन्होंने इस बार सपा का हाथ थाम लिया. वास्तव में रुपाली जब सपा के सुप्रीमो अखिलेश यादव से मिलीं तब उन्होंने समाजवादी पार्टी सुप्रीमो को बताया कि यदि वे जीत जाती हैं तब कैसे अगले 5 वर्ष अपने क्षेत्र का विकास करेंगी. रुपाली ने इंग्लैड के कार्डिफ यूनिवर्सिटी से MBA किया है.

समाजवादी पार्टी सुप्रीमो से मिलने और जीत के पश्चात् 5 वर्ष का प्लान बताने के पश्चात् अखिलेश यादव ने रुपाली का टिकट फाइनल कर दिया. रुपाली बोलती है कि मुझे अखिलेश यादव से मुलाकात करने का बस 3 मिनट का वक़्त मिला था. मैंने उन्हें कहा कि आखिर वो मुझे टिकट क्यों दें. मेरे चुनाव जीतने के पश्चात् क्षेत्र मैं क्या काम कर सकती हूं तथा उन्होंने पहले से घोषित प्रत्याशी का टिकट काट कर मुझे अवसर दिया. 

बता दे कि रुपाली ने कई बड़ी कंपनियों में नौकरी भी है. वे 2016 में राजनीति में आईं तथा 2017 में बीजेपी की सदस्यता ली. अशोक दीक्षित के बेटी होने के कारण बीजेपी में सम्मिलित होने पर रुपाली को बहुत विरोध भी झेलना पड़ा. 2017 भारतीय जनता पार्टी से टिकट मांगा मगर टिकट नहीं मिला जिसके कारण रुपाली चुनाव नहीं लड़ पाई. इस बार समाजवादी पार्टी ने पहले घोषित उम्मीदवार की टिकट काटकर रुपाली को मैदान में उतारा है. रुपाली दीक्षित बोलती हैं कि महिलाएं यदि राजनीति में आगे आएंगी तो शायद उस हालात में महिलाओं के विकास का मार्ग सरल होगा. 

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