यूपी में 'रेल रोको आंदोलन' का सबसे अधिक असर, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में किसानों ने ट्रेनें रोकीं

लखनऊ: लखीमपुर खीरी में भड़की हिंसा के मामले में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) का आज (सुबह 10 से शाम 6 बजे तक) पूरे देश में रेल रोको आंदोलन चल रहा है। मोर्चे का कहना है कि लखीमपुर हिंसा की निष्पक्ष जांच तब तक नहीं हो सकती, जब तक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र को पद से नहीं हटाया जाता। संगठन के नेताओं की मांग है कि मिश्र को कैबिनेट से हटाने के साथ ही उन्हें गिरफ्तार भी किया जाए। मोर्चा ने लखीमपुर मामले को नरसंहार करार दिया है। अमृतसर में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरना दे रहे हैं।

किसानों के आंदोलन के कारण दिल्ली से रोहतक, पानीपत, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, कैथल, बहादुरगढ़, अंबाला, जालंधर, लुधियाना, चंडीगढ़, अमृतसर, जम्मू, मेरठ, गाजियाबाद, शामली, सहारनपुर, मुरादाबाद सहित कुछ नजदीकी सेक्शंस पर रेल ट्रैफिक पर अधिक प्रभाव पड़ा है। इन रूट्स पर पहले भी कई बार विभिन्न जगहों पर किसान रेलवे ट्रैक जाम कर चुके हैं। इस प्रदर्शन का सबसे अधिक असर उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में दिख रहा है। किसानों ने मुजफ्फरनगर में रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है। इससे कई गाड़ियों के पहिए थम गए है। गाजियाबाद में भी किसानों ने ट्रेनें रोक दी हैं। हालांकि, बुलंदशहर में हरपाल गुट ने रेल रोको आंदोलन निरस्त कर दिया है।

किसानों के आंदोलन को देखते हुए रेलवे स्टेशन और ट्रैक पर भारी फोर्स की तैनाती की गई है। उत्तर प्रदेश के ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि आंदोलन के मद्देनज़र 44 कंपनी PAC और 4 कंपनी अर्ध सैनिक बलों की तैनाती की गई है। पश्चिमी यूपी के 14 संवेदनशील जिलों में वरिष्ठ IPS की तैनाती पहले से ही है।

सेंसेक्स और निफ़्टी में जोरदार बढ़ोतरी के साथ खुला बाजार

हैदराबाद: कोविड वैक्सीन के निर्माण के लिए 'पर्याप्त क्षमता' के साथ किया जा रहा है काम

लगातार चार दिनों की बढ़ोतरी के बाद आज नहीं हुए पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -