किसान आंदोलन: संकटों में घिरी बीजेपी को 'कांग्रेस के कैप्टन' का सहारा

By Nikki Chouhan
Dec 04 2020 05:48 PM
किसान आंदोलन: संकटों में घिरी बीजेपी को 'कांग्रेस के कैप्टन' का सहारा

नए कृषि सुधार कानूनों को स्थगित करने पर डटे किसान संगठन निरंतर केंद्र सरकार की समस्यां बढ़ा रहे हैं। अब तक किसान संगठनों के साथ विवाद समाप्त करने के लिए किए गए सारे प्रयास बेकार सिद्ध हुए हैं। किसानों को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कृषि कानूनों की अच्छाइयां गिनाने के प्रयास भी बेकार गए हैं। किसान स्पष्ट कर चुके हैं कि वह कृषि कानूनों की अच्छाइयां जानने नहीं बल्कि उन को स्थगित करवाने के लिए दिल्ली आए हैं।

दरअसल, सरकार ने यह सोचकर कृषि कानूनों में कुछ संशोधन करने की सहमति भी थी किसानों का आक्रोश ठंडा पड़ेगा, किन्तु अब किसान संगठनों ने उल्टा कानून स्थगित करवाने के लिए लोकसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने की मांग कर दी है। किसानों की मांगे केवल कृषि कानून स्थगित करवाने या फिर दो फसलों को प्राप्त हो रहे एमएसपी की गारंटी देने तक ही सीमित नहीं है।

वहीं अब 20 से ज्यादा दूसरी फसलों पर भी एमएसपी की मांग की जा रही है जबकि सच्चाई यह है कि एमएसपी को इन कानूनों से कुछ लेना-देना नहीं है। इसके बाद भी किसान अब एमएसपी को कानूनी अमलीजामा पहनाने जाने की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ बीजेपी किसानों का आंदोलन समाप्त करने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह का सहारा लेने का प्रयास कर सकती है। हालांकि अभी तक सीधे रूप से भाजपा ने किसानों का आक्रोश ठंडा करने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह का सहारा नहीं लिया है किन्तु बीजेपी से सबंधित सूत्र बता रहे हैं कि बीजेपी स्थिति से निपटने के लिए कोई भी कदम उठा सकती है। वर्ष 2022 में चूंकि पंजाब में असेंबली इलेक्शन होने हैं इसलिए पार्टी फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है। एक भी गलत कदम उसके इरादों पर पानी फेर सकता है। वैसे भी कृषि कानूनों के अस्तित्व में आने से पंजाब में बीजेपी को काफी हानि उठाना पड़ रही है।

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