सॉफ्टवेयर से मिल जाते हैं 3 सेकंड में तत्काल के कन्फर्म टिकट

जोधपुर: गर्मियों के इस मौसम में आप कहीं जाने का मन बना रहे हों और फिर तत्काल टिकिट की जुगाड़ में हों तो ज़रा सावधान हो जाऐं। कहीं आपको तत्काल में तीन सेकंड में टिकट कन्फर्म करवाने का फंडा भारी न पड़ जाए। जी हां रेलवे ने टिकट ब्रोकर्स के माध्यम से होने वाले भ्रष्टाचार को रोकने के कई तरीके निकाले तो इन ब्रोकर्स ने भी एक विशेष सॉफ्टवेयर इजाद कर लिया। इस सॉफ्टवेयर की मदद से केवल टिकट ही नहीं मिलता बल्कि तत्काल की वेटिंग महज तीन सेकंड में ही कन्फर्म हो जाती है।

तत्काल के कोटे में बुकिंग प्रारंभ हो गई तो यात्रियों को वेटिंग टिकट मिल गए। मगर कुछ ही समय में ये वेटिंग कन्फर्म हो गए। जब रेलवे सुरक्षा बल को इस मामले में जानकारी मिली तो उन्होंने ऑपरेशन तत्काल चलाया। जिसके कारण इस तरह की हेरफेर करने वाले दलाल सामने आ गए।

रेलवे सुरक्षा बल ने जोधपुर मंडल के जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, कुचामन सिटी और जालोर में छापेमारी की। इस दौरान आरपीएफ ने 11 ब्रोकर्स पकड़े। आपीएफ को सॉफ्टवेयर की सहायता से आईआरसीटीसी की वेबसाईट में सेंध लगाए जाने की जानकारी भी मिली। इस मामले में जब जांच की गई तो दीपक राठी और किशोर सिंह इस तरह के टिकट बेचते हुएमिले। दरअसल किशोर सिंह के कंप्युटर पर टी ब्रांड का सॉफ्टवेयर मिल गया। जब इसकी जांच की गई तो यह जानकारी मिली कि आईडी से तत्काल श्रेणी के टिकटों की बुकिंग भी की जा सकती है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों ने करीब 63.37 लाख रूपए के टिकटों की बुकिंग की बात की है। इस तरह से उन्होंने अब तक 4 हजार 781 टिकट बुक कर दिए हैं। अब इस मामले में जांच की जा रही है। 

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