फेसबुक के लिए इस काम को करने पर मिलेंगे 77 लाख रुपये

आज की जनरेशन सोशल मीडिया पर ज्यादा आधारित हो गई है. मीम्स उनका फनी आहार बन गए है. वायरल उनकी एक किस्म की सासें, टिकटॉक का तो हर कोई दीवाना बनता जा रहा है. इंस्टा का नशा फैशन हो चुका है. खैर, फेसबुक ने एक पहल की है. कोरोना वायरस और लॉकडाउन ने लोगों को जहां है वहीं का वहीं रोक दिया है. ऐसे में बुली और नफरत भरे संदेशों का फैलना बढ़ गया है. मिली खबर के मुताबिक, फेसबुक नफरत भरे वीडियोज पर तो लगाम लगा देता है. उसने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम डिवेलप कर रखा है. नफरत फैलाने वाली तस्वीरों को भी आगे फैलने से रोक लेता है लेकिन मीम्स नहीं रूक पाते. ये बहुत डायनामिक होते हैं. उन्होंने दुनिया भर के डिवलेपर्स को इन मीम्स को रोकने के लिए एक कंपटीशन रखा है, जिसमें जीतने वाले विजेता को 100,000 डॉलर यानी भारतीय करंसी के हिसाब से 77 लाख रुपये मिलेंगे.

बता दें की शोधकर्ताओं को डाटा देने के लिए फेसबुक का एक अपना मीम डाटाबेस है. इस प्रोजेक्ट के पीछे आइडिया ये ही है कि ये टूल अलग-अलग तस्वीरों को एनालिसिस करके उसका क्लासिफिकेशन करे. मतलब की इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से यह पता लगाया जा सके कि कौन-सा मीम नफरत फैला सकता है, या कौन सा किसी को बुली कर रहा है. कुल मिलाकर मीम्स को डिटेक्ट किया जा सके.

जानकारी के लिए बता दे की DrivenData की टीम से साथ मिलकर ये चैलेंज होस्ट किया गया है. इसमें डाटा सांइटिस्ट हिस्सा लेंगे. जो टीम इस तरह का कोई कोड क्रैक कर देगी उन्हें 77 लाख रुपये का इनाम मिलेगा.

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