परियोजनाओं में देरी से बढ़ रहा खर्च

नई दिल्ली : भारतीय रेलवे में नई-नई परियोजनाओं की शुरुआत की जा रही है और इसके साथ ही कई परियोजनाएं ऐसी भी है जिनमे देरी देखने को मिल रही है. आपको बता दे कि हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने यह कहा है कि इंडियन रेलवे की करीब 442 परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हुई है और इस कारण लागत में 1.07 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी देखने को मिली है.

आपको बता दे कि रेलवे की इन परियोजनाओं में नई लाइनों का निर्माण, मौजूदा लाइनों का दोहरीकरण, आमान परिवर्तन आदि शामिल है और ये परियोजनाएं 2009 से 2014 के ऑडिट की अवधि की है. रिपोर्ट में यह कहा गया है कि जब रेल प्रशासन का रिकॉर्ड देखा गया तो कहीं उनमे परियोजनाओं के पूरा होने की तिथि ही नहीं है तो कहीं यह भी नहीं पता है कि ये परियोजनाएं कब तक पूरी हो जाना है.

मामले में यह बात भी सामने आई है कि रेलवे के काम करने की रफ़्तार बहुत ही धीमी बनी हुई है जिस कारण परियोजनाओं के पूरा में इतना समय लग रहा है. इसके कारण ही यह भी कहा जा रहा है कि लागत भी 1.07 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई है. जबकि यदि देखा जाये तो इन 442 परियोजनाओं में अभी करीब 1.86 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

रिपोर्ट में यह बात भी बताई गई है कि परियोजनाओं को लेकर कोष का पूरी तरह से उपयोग होने के भी कई मामले सामने आये है जिनके कारण परियोजनाओं के पूरा होने की रफ़्तार पर विपरीत प्रभाव देखने को मिला है और इसके साथ ही गति और भी कम हो गई.

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