OROP : पूर्व सैनिकों ने तोड़ा अनशन लेकिन जारी रहेगा धरना

नई दिल्ली : एक ओर जहां केंद्र सरकार ने वन रैंक वन पेंशन लागू किए जाने की घोषणा की तो पूर्व सैनिक खुश हो उठे। हालांकि पूर्व सैनिक इस पेंशन योजना में कुछ बदलावों की मांग कर रहे हैं। ऐसे में उन्होंने निर्णय लिया है कि वे अपना अनशन तोड़ देंगे मगर वे धरना जारी रखकर अपनी मांगों का समर्थन करेंगे। दरअसल पूर्व सैनिकों की कई ऐसी मांगें हैं। जो मानी नहीं गई हैं। जिसके बाद उन्होंने धरना जारी रखने की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार इस मामले पर रक्षा मंत्री से भेंट करने के बाद पूर्व सैनिकों ने अपना धरना जारी रखने का निर्णय लिया। इस दौरान यह बात सामने आई है कि पूर्व सैनिकों को दी जाने वाली वन रैंक वन पेंशन योजना की समीक्षा 5 वर्ष तक की जाएगी, जबकि पूर्व सैनिक प्रतिवर्ष इसकी समीक्षा करना चाहते हैं। पूर्व सैनिकों द्वारा यह बात कही गई है कि सेना में वीआरएस का प्रावधान ही नहीं होता है। जबकि सेना ने स्वैच्छिक सेवा निवृत्ती लेने वाले सैनिकों को इस योजना में शामिल न करने की बात कही है।

हालांकि इससे जेसीओ पर असर पड़ सकता है। जिसे लेकर पूर्व सैनिकों की मांग है कि जेसीओ को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। दूसरी ओर वन रैंक वन पेंशन स्कीम को लेकर यह भी कहा गया कि इसके लिए जो न्यायिक आयोग बनाया जाएगा। उसमें तीन सदस्य पूर्व सैनिक हों और एक सदस्य वर्तमान में कार्यरत सैनिक हो दूसरी ओर एक सदस्य सरकार का हो। मगर इस पर भी सहमति नहीं बन पाई है। हालांकि पूर्व सैनिकों ने वन रैंक वन पेंशन का जमकर स्वागत किया। 

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