जानवरों के संरक्षण के लिए अपनाया यह अनोखा तरीका

भारत सरकार ने देश की सुरक्षा के लिए कई सारे नियम और कायदों को लागू किया है, ताकि देश में किसी भी व्यक्ति को कोई समस्या का सामना ना करना पड़े. इसी कड़ी में सरकार ने व्यक्तियों के साथ-साथ प्रकृति और पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए भी कई सारे नियम और कायदे कानून लागू किए हैं. सरकार ने जानवरों कि सुरक्षा के लिए कई एनजीओ भी बनवाए हैं, ताकि उन्हें किसी भी तरह की हानि से बचाया जा सके.

देश का सबसे प्रसिद्द PETA फाउंडेशन जोकि जानवरों के संरक्षण के लिए काम करता है, उसी की एक कार्यकर्ता ने एक मुहीम की शुरुआत की है. हाल ही में लखनऊ में PETA (People for the Ethical Treatment of Animals) फाउंडेशन की एक एक्टिविस्ट ने एक मुहीम की शुरुआत की है, जिसमें उसने ऐसी वेशभूषा धारण कर रखी है, जिसमें इंसान के नवजात शिशु के खिलोने टके हुए हैं.

इस मुहीम के ज़रिए महिला यह सन्देश देना चाहती हैं कि, भले बच्चा इंसान का हो या जानवरों का, बच्चा तो बच्चा होता है. इसिलए जानवरों को मारकर उनकी चमड़ी, उनके दांत और उनके दूसरे अंगों का प्रयोग करना बंद करें. लोगों को इस महिला के द्वारा शुरू की गई मुहीम का तरीका भले ही थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन जब सच पता चलेगा तो यह भी सही ही लगेगा.

इंटरनेट पर वायरल हो रही इस महिला को सभी लोगों का सपोर्ट मिल रहा है, वही एक वर्ग ऐसा भी है जो PETA के द्वारा किये गए कार्यों पर सवाल उठ रहा है. क्योंकि जहां एक ओर PETA जानवरों के संरक्षण के लिए जाना जाता है, वही दूसरी ओर PETA ने कुछ ऐसे कार्य भी किए हैं, जिनपर सवालिया निशान उठते रहे हैं.

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