वर्ल्ड बैंक रिपोर्ट : दूसरे देशों की तुलना में भारत में घटा गरीबी का अनुपात

वर्ल्ड बैंक रिपोर्ट : दूसरे देशों की तुलना में भारत में घटा गरीबी का अनुपात

भारत में गरीबो और गरीबी को लेकर एक नई बात सामने आई है, बताया जा रहा है कि भारत में गरीबों की संख्या लगातार कम होती जा रही है. जी हाँ, मामले में यह बात सामने आई है कि वर्ष 2012 के अनुसार भारत में किसी भी अन्य देश के मुकाबले सबसे अधिक गरीब आबादी रह रही थी लेकिन साथ ही यह बात भी देखने को मिली है कि प्रति सैकड़ा गरीबों का औसत बड़ी गरीबी वाले देशों के बीच सबसे कम पाया गया है.

विश्व बैंक के द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है, साथ ही यह भी कहा गया है कि वर्ष 2015 में गरीबो का औसत कम हुआ है और यह 10 प्रतिशत नीचे आ सकता है. बैंक ने इसके साथ ही यह भी कहा है कि भारत में 2012 में बहुत अधिक संख्या में गरीब लोग थे लेकिन अब देखने में यह बात सामने आ रही है कि उनकी गरीबी की दर उन देशो में न्यूनतम पर आ गई है जहाँ सबसे अधिक गरीब रहते है. साथ ही बैंक ने इस मामले में यह भी कहा है कि उसके द्वारा 25 सालो से गरीबी को घटाने का प्रयास किया जा रहा है और वह अपने 2030 तक गरीबी खत्म करने के लक्ष्य के करीब आ रहा है.

भारत में गरीबी को कम करने के तरीकों से गरीबी को कम करने के और भी नए संकेत सामने आ रहे है. रिपोर्ट से यह बात भी सामने आई है कि 2012 में जहाँ कम आय वाले देशी में गरीबी की दर को 43 प्रितशत पर देखा गया था वहीँ निम्न आय वाले देशों में यह 19 प्रतिशत पर देखने को मिली थी. इसको लेकर निम्न आय वाले देशो के तौर पर सबसे अधिक आबादी वाले चार देशों चीन, भारत, इंडोनेशिया और नाइजीरिया को भी वर्गीकृत किया गया था लेकिन अब इन देशों को निम्न मध्यम आय वर्ग में देखा जा रहा है.