यूरोपीय यूनियन संसद में हुआ समझौता, ब्रेक्जिट समझौते को मिली मंजूरी

यूरोपीय यूनियन संसद में हुआ समझौता, ब्रेक्जिट समझौते को मिली मंजूरी

ब्रसेल्स: यूरोपीय यूनियन (ईयू) की संसद ने बीते बुधवार  यानी 29 जनवरी 2020 को गरमा-गरम बहस के बाद ब्रेक्जिट समझौते को मंजूरी दी जा चुकी है. वहीं यूरोपीय यूनियन के सांसदों ने ब्रिटेन को हिदायत भी दी कि वह आगामी व्यापार वार्ता में ज्यादा रियायतों की मांग न करे. वहीं यह भी कहा जा रहा है अब ब्रिटेन शुक्रवार यानी 31 जनवरी 2020 को ईयू से अलग हो जाएगा.

बहुमत से ब्रेक्जिट समझौते पर लगी मुहर: मिली जानकारी के अनुसार चार साल तक चले घटनाक्रम के बाद बुधवार को यूरोपीय यूनियन की संसद ने 49 के मुकाबले 621 मतों के बहुमत से ब्रेक्जिट समझौते पर मुहर लगा दी गई है. जंहा इस समझौते पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पिछले साल के अंत में ईयू के 27 अन्य नेताओं के साथ वार्ता के बाद अंतिम रूप दिया था. ब्रिटेन ने जून-2016 में हुए जनमत संग्रह में ब्रेक्जिट को मंजूरी दी थी. यह भी पता चला है कि ब्रिटेन अभी इस साल के आखिर तक ईयू की आर्थिक व्यवस्था में बना रहेगा, लेकिन उसका नीतिगत मामलों कोई दखल नहीं होगा और न ही वह ईयू का सदस्य रह जाएगा.

ब्रिटने की संसद की लग चुकी है मुहर:  ब्रिटेन की संसद ने पिछले हफ्ते ब्रेग्जिट विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी थी. इसके साथ ही यूरोपीय यूनियन (ईयू) से ब्रिटेन के अलग होने का रास्‍ता साफ हो गया है. इसके बाद ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से मंजूरी मिलने के बाद कानून का रूप ले लिया था. लेकिन  31 जनवरी को ब्रिटेन यूरोपीय संघ से बाहर निकल जाएगा. ब्रेग्जिट विधेयक को मंजूरी एक बड़ा अहम कदम माना जा रहा है. बता दें कि ब्रिटेन संसद का निचला सदन सदन हाउस ऑफ कॉमंस पहले ही ईयू से निकलने से संबंधित ब्रेग्जिट विधेयक पर अपनी मुहर लगा चुका था. अब संसद के ऊपरी सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स में भी इस बिल को मंजूरी मिल गई है. 

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