वाह रे बेरोजगारी : चौकीदार बनने को तैयार 15 हजार पोस्ट ग्रेजुएट और इंजीनियर

Oct 07 2015 10:41 AM
वाह रे बेरोजगारी : चौकीदार बनने को तैयार 15 हजार पोस्ट ग्रेजुएट और इंजीनियर

भोपाल : आज पूरे भारत में बेरोजगारी ने पैर पसार लिए हैं. हाल ही में प्रदेश में निकली चपरासी और चौकीदार की भर्ती के लिए इंजीनियर और पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवारों तक के आवेदन आए हैं. बता दें कि व्यापमं द्वारा अलग-अलग डिपार्टमेंट्स में चतुर्थ श्रेणी की 1333 पोस्ट्स के लिए जुलाई में परीक्षा ली थी. इसमें 4 लाख से अधिक आवेदक शामिल हुए थे. इस परीक्षा को देने के लिए आवेदक को आठवीं पास होना आवश्यक था. इस परीक्षा में 62 हजार से ज्यादा ग्रेजुएट शामिल हुए थे.

इतना ही नहीं इनमें 15 हजार से ज्यादा M.Com, M.Sc और M.A करने वाले शामिल हैं. ग्रेजुएट्स में 1400 इंजीनियर भी शामिल हैं. आप एक परीक्षा में भी कोंपिटीशन का अंदाज़ा इसी बात से लगा सकते है कि इसके एक पद के लिए औसत 305 उम्मीदवार हैं. इन पदों की होड में पीएचड़ी वाले भी शामिल हैं. व्यापमं ने राज्य सरकार को सलाह दी है कि इसमें चतुर्थ श्रेणी में भर्ती के लिए हर डिपार्टमेंट के लिए अलग एग्जाम कराने की बात कही गई है. इसके पीछे व्यापम का तर्क है कि अगर व्यापमं के जरिए इन पोस्ट्स को भरा जाएगा तो ज्यादा पढ़े लिखे लोग मिडिल स्कूल तक पढ़े लोगों का हक मार लेंगे.

 उत्तर प्रदेश-

देश में बेरोजगारी का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उत्तर प्रदेश सरकार के सेक्रेटेरिएट में चपरासी की पोस्ट के लिए 368 वैकेंसी निकाली थी. आप को जानकर आश्चर्य होगा कि इन 368 पदों के लिए करीब 23 लाख कैंडिडेट्स ने आवेदन किया था. आवेदकों में ग्रैजुएट से लेकर बी.टेक डिग्रीवाले भी शामिल थे. इतना ही नहीं आवेदकों में 255 पीएच.डी डिग्रीधारकों भी शामिल थे. इन पदों पर रिक्रूटमेंट डायरेक्ट इंटरव्यू से होना था. इस पोस्ट के लिए 2 शर्तें भी रखी गई थी. पहला- अभ्यर्थी 5वीं पास हो और दूसरा- उसे साइकिल चलानी आती हो. 368 पोस्ट के लिए 23 लाख लोगों ने आवेदन किया था. UP की कुल आवादी करीब 21.5 करोड़ है. इसका मतलब ये हुआ कि हर 93वें शख्स ने चपरासी के पोस्ट के लिए आवेदन किया था.इतने सारे आवेदन को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने भर्ती कैंसिल कर दी थी.